भगवान जगन्नाथ को हर साल लगाए जाते हैं ‘नए नेत्र’, पिलाते हैं दशमूलारिष्ट, 14 दिन के उपचार के बाद देते हैं दर्शन, ये है मान्यता
माना जाता है कि 14 दिन के लिए भगवान को बुखार आ जाता है। इस दौरान जो नियम मानव शरीर पर लागू होते हैं, वही सारे नियम भगवान पर भी लागू किए जाते हैं। उनका विशेष ख्याल रखा जाता है। तापमान को कम करने के लिए दवाएं भी दी जाती हैं। इतना ही नहीं, औषधियों से बने तेल की मालिश भी की जाती है।
