विष पीने के बाद भगवान शिव को हो रही थी पीड़ा, राहत देने के लिए रावण ने वर्षों तक किया यह काम, आज भी जारी है परंपरा

सावन का महीना शिव भक्तों के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। प्रत्येक वर्ष सावन माह में कांवड़ यात्रा निकाली जाती है। शिवभक्त भोलेनाथ के जयकारों के साथ कांवड़ यात्रा निकालकर उनका जलाभिषेक करते हैं। मान्‍यता समुद्र मंथन के बाद रावण ने भोलेनाथ का जलाभिषेक किया था, जिसके बाद से कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है।

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