Astro Tips: कुंडली में बृहस्पति को मजबूत बनाने के लिए करें ये उपाय, चमकेगा भाग्य
हिंदू धर्म में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी या देवता को समर्पित है. ऐसे ही गुरुवार या बृहस्पतिवार का दिन ब्रह्मा, बृहस्पति और भगवान विष्णु को समर्पित है. इस दिन विधि-विधान से इनकी पूजी की जाती है. ऐसा माना जाता है कि कुंडली में बृहस्पति ग्रह मजबूत हो तो व्यक्ति की सभी परेशानियां दूर हो जाती है. वहीं बहुत से लोगों की कुंडली में बृहस्पति (Astro Tips) कमजोर होता है. ऐसे में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इससे धन संबंधित परेशानियां (Thursday) और उन्नति में बाधाएं उत्पन्न होती हैं. कुंडली में बृहस्पति को मजबूत बनाने के लिए आप कुछ (Thursday Upay) उपाय कर सकते हैं.
पीले रंग कपड़े पहनें
अगर किसी की कुंडली में बृहस्पति कमजोर है तो उसे गरुवार का व्रत करना चाहिए. इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनने चाहिए. ऐसा करना बहुत ही शुभ माना जाता है. इससे कुंडली में बृहस्पति मजबूत होता है.
मंत्र का जाप करें
गुरुवार के दिन आप ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम: मंत्र का जाप कर सकते हैं. आप इस मंत्र की 3 या 5 माला कर सकते हैं.
दान करें
कुंडली में बृहस्पति मजबूत हो इसके लिए दान कर सकते हैं. आप शहद, पीले कपड़े, हल्दी, पुस्तक, सोना, पीले अन्न और पुखराज का दान कर सकते हैं.
व्रत रखें
गुरुवार का व्रत रखें. ऐसा करने से बुद्धि और विद्या बढ़ती है. शादी में हो रही देरी की समस्या दूर होती है.
पुखराज पहनें
अगर किसी का गुरु कमजोर है तो उसे पुखराज पहनना चाहिए. आप किसी ज्योतिषाचार्य से सलाह लेकर पुखराज पहन सकते हैं.
केले की जड़ का पूजन करें
गुरुवार के दिन केले की जड़ की पूजा करें. केसर, चने की दाल और हल्दी से पूजा करें. गुरुवार के दिन नियमित रूप से ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम: मंत्र का जाप करें.
पीले रंग की मिठाई खाएं
गुरुवार के दिन पीले रंग के कपड़े पहनें. पीले रंग की मिठाई का सेवन करें. आप बेसन के लड्डू का सेवन कर सकते हैं. स्नान करने के पानी में हल्दी डालें. ये बहुत ही लाभकारी माना जाता है.
बड़ों का सम्मान करें
माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करें. इससे गुरु ग्रह मजबूत होता है.
ब्रह्मा जी पूजा करें
पीपल और ब्रह्मा जी की पूजा करें. गुरु की सेवन करने से भी गुरु ग्रह मजबूत होता है.
(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारितहैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)
