अक्षय तृतीया पर विष्णु जी और पितरों को ऐसे करें प्रसन्न, घर में आएगी सुख समृद्धि
अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है और पितरों को तृप्त करके अपनी उन्नति करने का शुभ अवसर है।
अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है और पितरों को तृप्त करके अपनी उन्नति करने का शुभ अवसर है।
28 अप्रैल से 5 जुलाई तक शुक्र का तारा अस्त रहेगा जबकि 7 मई से 31 मई तक गुरु का तारा अस्त रहेगा। इसके चलते मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी।
हम सभी जानते हैं कि व्यक्ति के जीवन में प्रत्येक ग्रह एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है और इनका प्रभाव जीवन के हर क्षेत्र पर पड़ता है। इसी प्रकार, नवग्रहों के राजा माने जाने वाले और अपनी रोशनी से संसार को रोशन करने वाले सूर्य का भी अपना महत्व है जो कुंडली में मज़बूत होने…
Astro Tips For Money: गुड़हल के फूल का उपयोग करने से आप गरीबी दूर करने के साथ देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। यदि आप आर्थिक संकट से पीड़ित हैं और बहुत प्रयास करते-करते थक गए हैं तो इस फूल का प्रयोग करें।
जिनकी कुंडली में गुरु और सूर्य शुभ स्थिति में होते हैं, उनका जॉब स्थायी होता है और नौकरी में तरक्की मिलती है।
Chandra Grahan 2025: ज्योतिषाचार्य व वास्तुविद् पंडित सौरभ दुबे ने बताया कि चंद्र ग्रहण पूर्णिमा को तो वहीं सूर्य ग्रहण अमावस्या को ही लगता है। चंद्र ग्रहण हिंदू धर्म की अशुभ अवधि माना जाता है, जिसमें शुभ-मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है। साथ ही इस समय सभी तरह की यात्राएं करना भी वर्जित होता…
शनिदेव को जितना कष्टकारी माना जाता है वे उतने ही शुभ फल देने वाले भी होते हैं. अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि शुभ और उचित भाव में आकर विराजमान हो तो व्यक्ति का जीवन बदलकर रख देते हैं.