Mahesh Navmi 2022: कब मनाई जाती है महेश नवमी? जानिए इसका महत्व और पूजा विधि
ऐसी मान्यताएं हैं कि भगवान शिव के आशीर्वाद से इस दिन माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति हुई थी। महेश नवमी 9 जून को मनाई जाएगी।
ऐसी मान्यताएं हैं कि भगवान शिव के आशीर्वाद से इस दिन माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति हुई थी। महेश नवमी 9 जून को मनाई जाएगी।
एस्ट्रोसेज अपने पाठकों के लिए विशेष रूप से “बुध का वृश्चिक राशि में गोचर” का यह ब्लॉग लेकर आया है जिसमें आपको बुध गोचर से जुड़ी समस्त जानकारी प्राप्त होगी जैसे कि तिथि, समय आदि। बता दें कि बुध ग्रह को नवग्रहों में राजकुमार का दर्जा प्राप्त है और यह मनुष्य जीवन को अत्यधिक प्रभावित…
Gupt Navratri Upay: आषाढ़ महीने की गुप्त नवरात्रि 30 जून से शुरू हुई। वह 8 जुलाई को नवमी पर इसका समापन होगा।
भगवान महावीर (Lord Mahavir) का जन्म 599 ईसा पूर्व चैत्र मास की त्रयोदशी तिथि पर बिहार के कुंडलपुर के लिच्छिवी वंश में हुआ था. उनके पिता का नाम सिद्धार्थ और माता का नाम त्रिशला देवी था. राजघराने में जन्मे इस राजकुमार को राजपाट में कोई खास दिलचस्पी नहीं थी, इसलिए युवावस्था में ही उन्होंने राजपाट…
Darsh Amavasya: हर महीने के कृष्ण पक्ष के आखिरी दिन को अमावस्या के रूप में जाना जाता है. इसके अलावा ज्योतिष शास्त्र में भी अमावस्या की तिथि को महत्वपूर्ण माना गया है. इसी दिन पितरों की शांति के लिए किया गया दान और तर्पण शुभ माना जाता है. ऐसे में ज्येष्ठ महीने में होने वाली…
सूर्य का वृषभ राशि में गोचर: वैदिक ज्योतिष में सूर्य को महत्वपूर्ण ग्रह का दर्जा दिया गया है। माना जाता है कि सूर्य के बिना धरती पर जीवन की कल्पना करना भी नामुमकिन है। ऐसे में स्वाभाविक है कि जब सूर्य का कोई भी परिवर्तन होता है तो उसे भी महत्वपूर्ण ही माना जाता है।…
Vish Yog: चंद्रमा कुंभ में ढाई दिन तक रहेंगे। इस राशि में शनि भी मौजूद है। दोनों ग्रहों के मिलन से विष योग बना है।