इस मंदिर में गिरा था मां सती का हार, सैकड़ों सालों से सबसे पहली पूजा करते आ रहे आल्हा
माँ शारदा से अमरता का वरदान प्राप्त भक्त आल्हा प्राचीन काल से लेकर आज तक रोजाना माँ की प्रथम पूजा करते है. आज भी ब्रम्ह मुहूर्त में पुजारी द्वारा कपाट खोलने पर मां का श्रृंगार और माँ के चरणों मे पूजा के फूल चढ़े मिलते हैं.
