नवरात्रि विशेष: संसार की रचयिता देवी कूष्मांडा
नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा होती है। मां के इस रूप को लेकर मान्यता है कि इन्होंने ही संसार की रचना की है। इन्हें दुखों को हरने वाली मां कहा जाता है। सूर्य इनका निवास स्थान माना जाता है।
नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा होती है। मां के इस रूप को लेकर मान्यता है कि इन्होंने ही संसार की रचना की है। इन्हें दुखों को हरने वाली मां कहा जाता है। सूर्य इनका निवास स्थान माना जाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी (Sankashti Chaturthi 2026 Significance) मनाई जाती है। यह पावन व्रत आज 5 फरवरी 2026 को रखा जा रहा है। संकष्टी चतुर्थी को संकटों को दूर करने वाला व्रत माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से…
एस्ट्रोसेज के इस विशेष ब्लॉग में हम आपको शुक्र का कन्या राशि में गोचर के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करेंगे। साथ ही, यह भी बताएंगे कि शुक्र के गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर किस प्रकार से पड़ेगा। बता दें कुछ राशियों को शुक्र के गोचर से बहुत अधिक लाभ होगा तो,…
Shankh: आरती, धार्मिक उत्सव, हवन-क्रिया, राज्याभिषेक, गृह-प्रवेश, वास्तु-शांति आदि शुभ अवसरों पर शंखध्वनि से लाभ मिलता है। इस मंगलचिह्न को घर के पूजास्थल में रखने से अरिष्टों एवं अनिष्टों का नाश होता है और सौभाग्य की वृद्धि होती है।
कैसे जानें अपना मुख्य अंक (मूलांक)? अंक ज्योतिष साप्ताहिक भविष्यफल जानने के लिए अंक ज्योतिष मूलांक का बड़ा महत्व है। मूलांक जातक के जीवन का महत्वपूर्ण अंक माना गया है। आपका जन्म महीने की किसी भी तारीख़ को होता है, उसको इकाई के अंक में बदलने के बाद जो अंक प्राप्त होता है, वह आपका…
मिथुन राशिफल आज हिंदी में, 02 फरवरी, 2025, रविवार: हमारे दैनिक ज्योतिष भविष्यवाणियों के साथ अपने दिन का अन्वेषण करें
आइये आज हम जानते हैं जैन समुदाय में होने वाली अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया है।