Kalashtami 2022: कालाष्टमी के दिन करें भगवान काल भैरव को प्रसन्न, शनि-राहू-केतू के तमाम दोष होंगे दूर

अष्टमी वाले दिन भगवान कालभैरवनाथ की उत्पत्ति हुई थी। शिव से उत्पत्ति होने के कारण इनका जन्म माता के गर्भ से नहीं हुआ और इन्हें अजन्मा माना जाता है। इन्हें काशी के कोतवाल के नाम से भी जाना जाता है।

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