Aarti Niyam: भगवान की आरती कितनी बार होनी चाहिए, जानिए आवश्यक नियम और महत्व
Aarti Niyam: भगवान की आरती ब्रह्म मुहूर्त से लेकर मध्य रात्रि तक की जाती है। आइए जानते हैं भगवान की आरती करने के आवश्यक नियम
Aarti Niyam: भगवान की आरती ब्रह्म मुहूर्त से लेकर मध्य रात्रि तक की जाती है। आइए जानते हैं भगवान की आरती करने के आवश्यक नियम
नासिक में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल त्र्यंबकेश्रर ज्योतिर्लिंग शिव मंदिर आठ दिनों तक बंद रहेगा. इस दौरान श्रद्धालु दर्शन नहीं कर पाएंगे.
आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि (दशहरा) पर भगवान श्रीराम की पूजा होती है। इस दिन शमी और अपराजिता की पूजा भी की जाती है। शमी पूजा करने से साधक के जीवन में मंगल का आगमन होता है। उसके सभी दुख एवं संकट दूर हो जाते हैं।
अक्षय तृतीया के अलावा भड़ली नवमी एक ऐसी तिथि है, जिस दिन कोई भी शुभ कार्य बिना मुहूर्त देखे किया जा सकता है। इस दिन विवाह, मुंडन जैसे मांगलिक कार्य भी किए जाते हैं। 17 जुलाई से देवशयनी एकदशी शुरू होने जा रही है, ऐसे में अब मांगलिक कार्य नहींं होंगे।
Aaj Ka Panchang: आज षष्ठी रात्रि और दिन सोमवार है। शिव महिम्नस्तोत्र का पाठ करते हुए केसर के दूध से शिवजी का अभिषेक करने से आर्थिक संकटों का समाधान होगा। 54 बिल्वपत्र पर शहद से ऊं लिखकर शिवजी को अर्पण
Trigrahi Yog: सूर्य और शनि कुंभ के मध्य में हैं। बुध के कुंभ में आने से तीन ग्रहों का मिलन होगा और त्रिग्रही योग बनेगा।
पूरे भारत में सतना का मैहर मंदिर माता शारदा का अकेला मंदिर है। इसी पर्वत की चोटी पर माता के साथ ही श्री काल भैरवी, भगवान, हनुमान जी, देवी काली, दुर्गा, श्री गौरी शंकर, शेष नाग, फूलमति माता, ब्रह्म देव और जलापा देवी की भी पूजा की जाती है।