Yashoda Jayanti 2023: 12 फरवरी को है यशोदा जयंती, जानें इसका धार्मिक महत्व व पूजा का शुभ मुहूर्त
Yashoda Jayanti 2023 यशोदा जयंती का पर्व गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारतीय राज्यों में पूरी आस्था के साथ मनाया जाता है।
Yashoda Jayanti 2023 यशोदा जयंती का पर्व गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारतीय राज्यों में पूरी आस्था के साथ मनाया जाता है।
नई दिल्ली, 11 फरवरी। माघ पूर्णिमा वर्ष की बड़ी पूर्णिमा में से एक होती है। इस दिन सूर्य और चंद्र एक-दूसरे से सम सप्तक स्थिति में रहते हैं। अर्थात् चंद्र सिंह राशि में और सूर्य कुंभ राशि में होता है। इस
शनिवार को शनिदेव की पूजा और विशेष उपाय करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। अच्छी नौकरी, कर्ज से मुक्ति, साढ़ेसाती-ढैय्या से राहत और सुखी जीवन की प्राप्ति हो सकती है। सरसों का तेल, काला तिल और काले वस्त्र दान करना तथा हनुमानजी की आराधना करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
रविवार को पौष अमावस्या के दिन एक तरफ शनि की शांति हो सकती है, तो दूसरी तरफ सर्वार्थ सिद्धि योग में पूजन से विशेष लाभ।
गुरु को सभी ग्रहों में सबसे शुभ माना जाता है और इसका प्रभाव हमेशा शुभ फलदायक होता है।
चंद्रमा भी जल्द ही कन्या राशि में गोचर करने वाले हैं। इसका प्रभाव सभी राशियों पर उनके गृह के आधार पर पड़ेगा। इस समय चंद्रमा, सिंह राशि में हैं और जल्द ही राशि परिवर्तन कर कन्या राशि में प्रवेश कर जाएंगे।
Guru Purnima 2023:गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व महर्षि वेदव्यास जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा के नाम सेजानाजाताहै।