Aarti Niyam: भगवान की आरती कितनी बार होनी चाहिए, जानिए आवश्यक नियम और महत्व
Aarti Niyam: भगवान की आरती ब्रह्म मुहूर्त से लेकर मध्य रात्रि तक की जाती है। आइए जानते हैं भगवान की आरती करने के आवश्यक नियम
Aarti Niyam: भगवान की आरती ब्रह्म मुहूर्त से लेकर मध्य रात्रि तक की जाती है। आइए जानते हैं भगवान की आरती करने के आवश्यक नियम
नवरात्रि के दूसरे दिन देवी दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा का विधान है, जो कठिन तप का आचरण करने वाली मानी जाती हैं। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि, मंत्र और उसके लाभ जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख.
ज्योतिष में बुध ग्रह को शुभ ग्रह की संज्ञा दी गई है। इसका मतलब है कि कुंडली में बुध ग्रह जिस भी अन्य ग्रह के साथ मौजूद होता है उसी के अनुरूप फल देता है। बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क, संवाद, गणित, वाणी आदि का कारक माना गया है। ऐसे में जल्द होने वाले बुध…
वृश्चिक राशिफल आज हिंदी में, 04 अक्टूबर 2024, शुक्रवार: हमारे दैनिक ज्योतिष भविष्यवाणियों के साथ अपने दिन का अन्वेषण करें
नई दिल्ली, 22 अगस्त। ग्रह जब खराब होते हैं तो जीवन में अनेक परेशानियां आती हैं और ग्रह जब अनुकूल होते हैं तो सारे कार्य बिना बाधा के पूर्ण हो जाते हैं और जीवन में सुख-शांति, समृद्धि आती है। ग्रहों को
Surya Shani Yuti 2024: माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 13 फरवरी को दोपहर 2.41 मिनट पर होगी। इसका समापन 14 फरवरी को दोपहर 12.09 मिनट पर होगा। करीब 30 साल बाद रवि और शनैश्चर का कुंभ राशि में मिलन होगा।