Amalki Ekadashi 2023: आमलकी एकादशी आज, जानिए इस व्रत का महत्व, पूजा विधि, आंवले के किस हिस्से में बसे कौन-से देवता
आमलकी एकादशी पर आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है। यह व्रत करने से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
आमलकी एकादशी पर आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है। यह व्रत करने से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
Papmochani Ekadashi: चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी मनाई जाती है। आइए जानते है पापमोचनी एकादशी की तिथि और महत्व।
प्रयागराज में 13 जनवरी से महाकुंभ की शुरुआत होगी। जनवरी माह में कुंभ के तीन शाही स्नान होंगे। वहीं सूर्य देव के उत्तरायण होते ही 14 जनवरी, मकर संक्रांति से खरमास का समापन हो जाएगा और शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी।
सितंबर का पहला दिन सभी राशियों के लिए अलग-अलग अनुभव लेकर आया है। कुछ को मान-सम्मान और आर्थिक लाभ मिलेगा, तो कुछ को विवाद, स्वास्थ्य और संबंधों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। संयम, धैर्य और सोच-समझकर निर्णय लेना ही आज सभी राशियों के लिए सबसे बेहतर उपाय रहेगा।
आज हम आपको बताने वाले हैं कि अपने पार्टनर के साथ अपनी राशि के अनुसार किस रंग से होली खेलनी चाहिए।
इस वर्ष होलाष्टक 24 फरवरी से लेकर 3 मार्च तक लगेगा। इस दौरान आठ ग्रह अपने उग्र स्वभाव में रहेंगे। ऐसे में आराध्य का पूजन लोगों के लिए हितकर होगा।
वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करने से घर के साथ-साथ ऑफिस में अपने लिए सकारात्मक माहौल को बनाया जा सकता है। ऑफिस में उन्नति का रास्ता बनाने के लिए डेस्क पर वास्तु के हिसाब से पौधे रखने चाहिए। कुछ विशेष पौधे आपके लिए तरक्की का योग बनाते हैं।