Amarnath Yatra 2022: अमरनाथ यात्रा को सुगम बनाने के लिए थ्री-लेयर सिक्योरिटी के किए जा रहे इंतज़ाम, 30 जून से शुरू होगी यात्रा

अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) के शुरू होने को है और इस बीच अधिकारी सुरक्षा इंतज़ामों में लगे हैं. अमरनाथ की पवित्र गुफा के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाने के लिए थ्री-लेयर सिक्योरिटी के इंतज़ाम किए जा रहे हैं. 43 दिनों तक चलने वाले हिमालय में स्थित तीर्थस्थल की यात्रा 30 जून से दो मार्गों पर शुरु होने वाली है. इनमें दक्षिण कश्मीर के पहलगाम की पहाड़ी और दूसरा मध्य कश्मीर का गांदरबल शामिल है. हालांकि महामारी की वजह से यह यात्रा दो सालों से स्थगित थी. पिछले कुछ हफ्तों में यात्रा सुरक्षित बनाने के लिए सुरक्षा अधिकारियों के बीच कई दौर की बैठकें हुई हैं.

ऑर्गेनाइज़र मान रहे हैं कि इस साल सात-आठ लाख श्रद्धालु पवित्र गुफा के दर्शन को पहुंच सकते हैं. मंगलवार को कश्मीर पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल विजय कुमार यात्री कैंपों का जायज़ा लेने पहुंचे थे. कश्मीर पुलिस की तरफ से एक प्रवक्ता ने बताया कि – उन्होंने पहले ही सेना (Indian Army), सीआरपीएफ (CRPF) , बीएसएफ (BSF), आईटीबीपी (ITBP), जेकेपी (JKP), एनडीआरएफ (NDRF) और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारियों के साथ मीटिंग की थी. जबकि बाद में उन्होंने खुद क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायज़ा लिया और बेहतर को-ऑर्डिनेशन के साथ एक साथ मिलकर घटना मुक्त और सुगम यात्रा बनाने का आह्वान किया.

सोमवार को आईजी विजय कुमार ने अनंतनाग का दौरा किया था जहां उन्होंने वरिष्ठ पुलिस और सेना के अधिकारियों के साथ सुरक्षा इंतज़ामों को लेकर मीटिंग की थी. उन्होंने आतंकवादियों से प्रमुख ख़तरे पर रौशनी डाला और उन्हें बेअसर करने के लिए इंटेलिजेंस ग्रिड को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया. जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि ज़िलेवार सिक्योरिटी रिव्यू किए गए हैं और इंतज़ामों का जायज़ा लिया गया है – जिनमें ख़ासतौर पर दक्षिण कश्मीर, कुलगाम, शोपियां, पुलवामा और अनंतनाग शामिल है.

सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने भी यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के संबंध में अपने सुझाव दिए हैं जिनमें ज़रूरी सुझावों को लागू किया गया है. अधिकारियों ने कहा कि नियमित ब्रीफिंग और डी-ब्रीफिंग, कट-ऑफ टाइमिंग, स्टिकी बमों के ख़तरे को ख़त्म करने, इम्प्रोवाइज्ड इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (IED), ग्रेनेड लॉबिंग और ड्रोन हमलों पर ख़ौसतौर पर ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि इस बार सुरक्षाकर्मियों की संख्या भी पहले की तुलना में बढ़ा दी गई है.

वहीं सोमवार को अमरनाथ यात्रा बोर्ड (Shri Amarnathji Shrine Board) के अध्यक्ष और गवर्नर मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) ने खुद भी हालात का जायज़ा लिया है. उन्होंने भगती नगर स्थित श्रद्धालुओं के लिए यात्री निवास का दौरा कर सुरक्षा और अन्य इंतज़ामों का जायज़ा लिया. उन्होंने कहा कि “सुरक्षा बल सतर्क हैं और यात्रा के सुचारू रूप से संचालन के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है, इनके अलावा, हमने इस साल सर्वोत्तम व्यवस्था करने की कोशिश की है.”

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