Bach Baras 2024: बाल गोपाल के सोने व जागने का समय तय नहीं, बछ बारस तक नहीं होगी शयन आरती
मध्य प्रदेश के उज्जैन के गोपाल मंदिर की पूजन परंपरा में जन्माष्टमी से बछबारस तक शयन आरती नहीं होती है। मंदिर की ऐसी मान्यता है बाल गोपाल के सोने व जागने का समय निश्चित नहीं होता है, ऐसे में शयन आरती नहीं की जाती है।
