Badrinath Dham: क्या आप जानते हैं बद्रीनाथ धाम का नाम कैसे पड़ा? जानिए उसके नामकरण से जुड़ी कथा
बद्री के धाम कहे जाने वााले बद्रीनाथ धाम के नामकरण से जुड़ी एक धार्मिक कथा है जानिए उसकी रोचक कहानी।
बद्री के धाम कहे जाने वााले बद्रीनाथ धाम के नामकरण से जुड़ी एक धार्मिक कथा है जानिए उसकी रोचक कहानी।
मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा मृगशिरा नक्षत्र में होता है। इसलिए इस माह को मार्गशीर्ष कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्री राम और माता सीता का विवाह पवित्र मार्गशीर्ष माह में हुआ था।
कुछ समय पहले तक मंदिर समिति की ओर से भक्तों को तिलक लगाया जाता था। इसके साथ ही भगवान महाकाल की भस्म आरती में चढ़ाई जाने वाली भस्म को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता था। मगर, अब यह योजना बंद कर दी गई है। इसकी वजह से उज्जैन के महाकाल मंदिर में आने…
Makar Sankranti 2023: मकर संक्रांति पर स्नान, दान और पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है. इस दिन एक माह तक चलने वाला खरमास की अवधि समाप्ति हो जाती है और दोबारा से शुभ और मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं.
Mangal Dosh Upay मंत्र के जाप से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। मंगलवार को स्नान के के बाद इस मंत्र का 11 बार जरूर जाप करना चाहिए।
जीवन में हर कोई किसी न किसी क्षेत्र में कामयाबी का ख्वाब बुनता है, लेकिन जब यह ख्वाब तमाम कोशिशों के बाद भी न पूरा हो और उसमें अड़चन आए तो उसे दूर करने और लक्ष्य तक पहुंचाने में काफी मददगार साबित होते हैं सफलता के पांच मंत्र.
March Grah Gochar: ज्योतिष शास्त्र में बुध को वाणी, बुद्धि और व्यापार का स्वामी माना गया है। ग्रह 23 दिनों में राशि परिवर्तन करता है।