Baisakhi 2023: बैसाखी के इस उपाय से संवर जाती है किस्मत, समय से पूरे होते हैं हर काम

बैसाखी का महापर्व हर साल वैशाख मास में पड़ने वाली मेष संक्रांति के दिन पड़ता है. यह पर्व मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में मनाया जाता है, लेकिन इसकी धूम पूरे भारत में दखेने को मिलती है. बैसाखी के पर्व का संबंध किसानों की फसलों से है, जिसके लिए इस दिन वे अपने आराध्य के प्रति आभार प्रकट करते हुए खुशी मनाते हैं और फसल से पैदा हुए कुछ अन्न को अग्नि देवता को समर्पित करते हैं. बैसाखी का पर्व सिख नववर्ष की शुरुआत के साथ, असम में बोहाग बिहु, पश्चिम बंगाल में नबा वर्षा, केरल में पूरम विशु और आंध्र प्रदेश में उगादी के नाम से मनाया जाता है.

जिस वैशाख मास मास में बैसाखी का यह पर्व पड़ता है, उसे हिंदू धर्म में माधवमास के नाम से जाना जाता है. इस मास में भगवान श्री विष्णु की पूजा बहुत ज्यादा शुभ और फलदायी मानी गई है. चूंकि हिंदू धर्म में सूर्य को नारायण का ही प्रतीक माना गया है. ऐसे में इस बैसाखी के पावन पर्व पर भगवान विष्णु और सूर्यदेव दोनों की विशेष रूप से पूजा करें. सुख-सौभाग्य की कामना को पूरा करने के लिए बैसाखी के दिन भगवान श्री विष्णु के मंत्रों का जप या फिर श्री विष्णुसहस्त्रनाम का विशेष रूप से पाठ करें. आइए जानते हैं कि श्री हरि की पूजा के अलावा किन उपायों से बैसाखी का पुण्य मिलता है.

ये भी पढ़ें: अक्षय तृतीया पर इस उपाय को करते ही भर जाता है धन का भंडार

बैसाखी के दिन किसी नदी तीर्थ पर जाकर स्नान और दान करने का बहुत पुण्यफल माना गया है. ऐसे में यदि संभव हो तो इस पर्व पर गंगा स्नान करके नई फसल से पैदा हुए आनाज को किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करना चाहिए.
बैसाखी का पावन पर्व मेष की संक्रांति पर पड़ता है. ज्योतिष के अनुसार गेहूं का संबंध सूर्य से है, ऐसे में इस दिन यदि गेहूं का दान विशेष रूप से किया जाए तो व्यक्ति को सूर्य ग्रह के शुभ फल प्राप्त होते हैं और उसके भीतर आत्मविश्वास में वृद्धि होती है. सूर्य देवता से जुड़े इस उपाय को करने पर वह जीवन के सभी लक्ष्यों को प्राप्त करता है और उसकी समाज में मान-प्रतिष्ठा बढ़ती है.
बैसाखी के पर्व पर सुख और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए व्यक्ति को दिन की जाने वाली पूजा में विशेष रूप से आटे का दीया बनाकर शुद्ध घी डालकर जलाना चाहिए.
यदि आपको लगता है कि कठिन परिश्रम और प्रयास के बाद भी आपका करियर और कारोबार आगे नहीं बढ़ पा रहा है तो आपको बैसाखी के दिन मूंग की दाल की खिचड़ी बनाकर भूखे एवं गरीब लोगों को खिलाना चाहिए.
यदि आपको लगता है कि आपका सौभाग्य आपसे रूठा हुआ है तो आपको बैसाखी पर्व पर उसे मनाने के लिए भगवान विष्णु के मंदिर में जाकर एक पीले कपड़े में चने की दाल और गुड़ चढ़ाना चाहिए.

ये भी पढ़ें: कब और क्यों मनाई जाती है बैसाखी, जानें सभी बातें सिर्फ एक क्लिक में

(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारितहैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *