Bathing rules in Hinduism: नहाने से पहले और बाद में कभी न करें ये गलतियां, जानें स्नान का सही नियम

हिंदू धर्म में सुख, सौभाग्य और अच्छी सेहत को पाने के लिए प्रतिदिन स्नान करना आवश्यक बताया गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार स्नान करने पर एक व्यक्ति न सिर्फ तन से बल्कि मन से पवित्र हो जाता है. शास्त्रों में स्नान को लेकर कहा गया है कि यदि आप किसी अंतिम संस्कार में जाते हैं अथवा बाल या दाढ़ी कटवाते हैं या फिर सूर्य ग्रहण या चंद्रग्रहण समाप्त होता है तो उसके बाद आपको स्नान जरूर करना चाहिए. इसी प्रकार कुछेक चीजें ऐसी भी बताई गई हैं जिसके तहत आदमी को बगैर स्नान किए वो काम भूलकर भी नहीं करना चाहिए. आइए प्रतिदिन किए जाने वाले स्नान से जुड़े नियम और उपाय के बारे में विस्तार से जानते हैं.

बगैर नहाए न करें ये काम

स्नान किए बगैर किचन के भीतर न जाएं और न ही भोजन बनाएं.
स्नान किए बिना न तो भोजन बनाना चाहिए और न ही भोजन करना चाहिए.
नहाए बगैर भूलकर भी अपने बालों में कंघी नहीं करना चाहिए.
स्नान किए बगैर भूलकर भी पूजा स्थान, धन स्थान और तुलसी जी को छूना नहीं चाहिए.

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नहाने के बाद न करें ये काम

हिंदू मान्यता के अनुसार कभी भी नहाने के बाद व्यक्ति को फूल नहीं तोड़ना चाहिए. मान्यता है कि यदि कोई नहाने के बाद फूल तोड़कर देवी-देवता पर चढ़ाता है तो उसे उसका पुण्यफल् नहीं मिलता है.
सनातन परंपरा के अनुसार व्यक्ति को अपने पूजा के सभी बर्तन को नहाने से पहले ही साफ करके पूजा घर में रख देने चाहिए क्योंकि नहाने के बाद जूठे बर्तनों को मांजने से व्यक्ति अशुद्ध हो जाता है और उसे तभी उसकी पूजा का फल मिलता है जब वह दोबारा से स्नान करे.
हिंदू धर्म में नहाने के पहले तेल की मालिश करना शुभ और उसके बाद करना अशुभ माना गया है, इसलिए भूलकर भी नहाने के बाद तेल-मालिश न करवाएं और यदि किसी कारणवश करवाते हैं तो उसके बाद फिर से स्नान जरूर करें.
मान्यता है कि व्यक्ति को नहाने के बाद पहले पहने गये कपड़ों को दोबारा नहीं पहनना चाहिए. इसी प्रकार नहाने के बाद रसोईघर में जाने से बचना चाहिए. मान्यता है कि नहाने के बाद किचन में रखे जूठे बर्तन छूने से आपके अपवित्र होने की आशंका बनी रहती है.
हिंदू मान्यता के अनुसार खाना खाने के तुरंत बाद भूलकर भी स्नान नहीं करना चाहिए.

स्नान से जुड़े जरूरी नियम

हिंदू धर्म शास्त्र के अनुसार सूर्योदय से पहले स्नान करना बेहद शुभ माना गया है.
स्नान करते समय व्यक्ति को यदि संभव हो तो प्रतिदिन अथवा तीज-त्योहार पर नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल डालकर स्नान करना चाहिए.
हिंदू धर्म के अनुसार व्यक्ति को हमेशा पवित्र नदियों का स्मरण करते हुए ‘गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति, नर्मदे सिन्धु कावेरी जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु’ मंत्र का मन में जप करना चाहिए.
मान्यता है कि कभी भी किसी व्यक्ति के नहाने के बाद बचे पानी या फिर उसके द्वारा कुएं या हैंडपंप से निकाले गए पानी से नहीं नहाना चाहिए.

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(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित है, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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