Bhadli Navami 2025: अबूझ मुहूर्त पर नहीं होंगे विवाह, गुरु तारा अस्त से पाणिग्रहण संस्कार पर रोक
Bhadrali Navami 2025: भड़ली नवमी 4 जुलाई शुक्रवार को मनाई जाएगी। यह आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को पड़ती है। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि भड़ली नवमी, जिसे भड़ल्या नवमी, भादरिया नवमी, भड़रिया नवमी के रूप में भी जाना जाता है। यह भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे देवशयनी एकादशी से दो दिन पहले मनाया जाता है।
