Bhairav ​​Ashtami 2024: दो दिन मनाई जा रही भैरव अष्टमी, शनि, मंगल और राहु से पीड़‍ित लोग जरूर करें पूजन

भैरव अष्‍टमी यानि भैरव जयंती शनिवार को है। श्रीभैरव के अनेक रूप हैं जिसमें प्रमुख रूप से बटुक भैरव, महाकाल भैरव और स्वर्णाकर्षण भैरव प्रमुख हैं। जिस भैरव की पूजा करें उसी रूप के नाम का उच्चारण होना चाहिए। सभी भैरवों में बटुक भैरव उपासना का अधिक प्रचलन है।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *