Bhairav Ashtami 2024: भैरव अष्टमी 22 नवंबर को, इस दिन व्रत रखने से सभी कार्य सिद्ध होंगे
मार्गशीर्ष माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान काल भैरव का जन्म हुआ था। यह दिन काल भैरव अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस साल अष्टमी तिथि 22 नवंबर को शाम 6.07 से शुरू होकर अगले दिन 23 नवंबर की शाम 7.56 मिनट तक रहेगी।
