Bhishma Ashtami 2024: कब है भीष्म अष्टमी? नोट करें सही तिथि और शुभ मुहूर्त
भीष्म अष्टमी का पर्व भीष्म पितामह की तर्पण तिथि पर मनाया जाता है। भीष्म पितामह ने ब्रह्मचारी जीवन जीने का प्रण लिया था।
भीष्म अष्टमी का पर्व भीष्म पितामह की तर्पण तिथि पर मनाया जाता है। भीष्म पितामह ने ब्रह्मचारी जीवन जीने का प्रण लिया था।
बुध कर्क राशि में मार्गी: बुध बुद्धि, संवाद, तर्क, गणना और व्यापार के कारक ग्रह हैं, जब मार्गी होते हैं, तो जीवन की कई जटिलताएं सरल होने लगती हैं। यह बदलाव न केवल विचारों में स्पष्टता लाता है बल्कि हमारे निर्णयों को भी सशक्त बनाता है। जब बुध वक्री होता है, तो व्यक्ति भ्रम, उलझन…
महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ की पूजा करने से सभी तरह की परेशानियों का अंत हो जाता है और हर तरह की मनोकामनाएं जल्द ही पूरी हो जाती हैं.
Solar Eclipse 2022: भारत में आंशिक ग्रहण 1 मई को दोपहर 12:15 बजे शुरू होगा और 1 मई को सुबह 4:07 बजे तक चलेगा।
30 सितंबर 2025 का राशिफल जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर प्रभाव डाल रहा है। कुछ राशियों के लिए यह दिन नए अवसर और आर्थिक लाभ का संकेत है, जबकि अन्य को स्वास्थ्य, रिश्तों और व्यावसायिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी। पारिवारिक जीवन में खुशी और तनाव दोनों स्थितियाँ देखने को मिलेंगी।
आज कई शुभ और अशुभ योग बन रहे हैं। शुक्रवार की दिशा शूल पश्चिम है। अतः इस दिशा में यात्रा करना वर्जित है।
ब्रह्मांड में वैसे तो तमाम ग्रह है, लेकिन नौ ग्रहों को मुख्य माना गया है. इन्हें नवग्रह कहा जाता है. ये ग्रह व्यक्ति के जीवन को भी प्रभावित करते हैं. अगर आपकी कुंडली (Horoscope) में ग्रह मजबूत स्थिति में है, तो आपके जीवन में वो शुभ फल देता है, लेकिन अगर ग्रह कमजोर हो तो…