Bhutadi Amavasya 2023: भूतड़ी अमावस्या कब है? जानें तिथि और क्या है इसका महत्व
Bhutadi Amavasya 2023: चैत्र अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या भी कहते हैं और इस बार मंगलवार को पड़ने के कारण यह भौमवती अमावस्या भी कहलाएगी।
Bhutadi Amavasya 2023: चैत्र अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या भी कहते हैं और इस बार मंगलवार को पड़ने के कारण यह भौमवती अमावस्या भी कहलाएगी।
03 सितंबर 2025 का दिन सभी राशियों के लिए मिश्रित फल देने वाला रहेगा। कुछ लोगों को स्वास्थ्य, व्यवसाय और पारिवारिक जीवन में सफलता मिलेगी, जबकि अन्य को चुनौतियों और तनाव का सामना करना पड़ सकता है। संयम, धैर्य और सतर्कता से दिन को संतुलित बनाया जा सकता है।
शिव आराधना के पर्व की तैयारियां शुरू हुई शिव मंदिरों में। कहीं होगा विवाह उत्सव का आयोजन कहीं लगेगा भक्तों का मेला।
पितृपक्ष में लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध तर्पण और पिंडदान करते हैं। गया में श्राद्ध का विशेष महत्व है, जहां इसे करने से पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है। भगवान राम और माता सीता ने भी यहां अपने पिता दशरथ का पिंडदान किया था।
Pradosh Vrat February 2023: प्रदोष की त्रयोदशी तिथि में रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बना है। पढ़िए टाइमिंग
Libra Daily Horoscope: तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिलाजुला रहने वाला है। कुछ मामलों में आपको सफलता मिलेगी, तो कुछ में थोड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। कुल मिलाकर, यह एक ऐसा दिन है जब आपको धैर्य रखने
होली (Holi) को हिंदू धर्म के सबसे बड़े त्योहारों में से एक माना जाता है. हर साल होली का ये पर्व मनाने से पहले फाल्गुन मास की पूर्णिमा (Phalguna Purnima) तिथि को होलिका दहन किया जाता है. इसके बाद चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि पर होली का त्योहार मनाया जाता है. इस बार होलिका दहन…