Makar Sankranti 2023 : वराह मेंआएगी संक्रांति, शुरू होंगे शुभ कार्य, 14 जनवरी की रात से शुरू होगा पुण्यकाल 15 की सुबह तक रहेगा
दक्षिणायण चल रहे सूर्य15 जनवरी को उत्तरायण होंगे। इसके साथ ही विवाह जैसे शुभ कार्य भी शुरू हो जाएंगे।
दक्षिणायण चल रहे सूर्य15 जनवरी को उत्तरायण होंगे। इसके साथ ही विवाह जैसे शुभ कार्य भी शुरू हो जाएंगे।
आचार्य चाणक्य श्रेष्ठ विद्वान होने के साथ-साथ एक अच्छे शिक्षक और एक कुशल कूटनीतिज्ञ भी थे. चाणक्य की नीतियां आज भी इंसान का मार्गदर्शन करती हैं. आचार्य चाणक्य के द्वारा कही गई बातें और नीतियों के जरिए कोई भी इंसान अपने जीवन के बेहतर बना सकता है. आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति शास्त्र में लिखा…
Aaj Ka Panchang: आज प्रथम तिथि और दिन शनिवार है। जिन लोगों को शनि की साढ़ेसाती चल रही है अर्थात् धनु, मकर और कुंभ राशि के जातक किसी शनि मंदिर में पांच वस्तुएं लोहा, काले तिल, तिल का तेल, काला
जीवन में साहस का अर्थ ये नहीं होता है कि किसी चीज से डरते नहीं है, बल्कि इसका अर्थ तो ये होता है कि आप किसी डर की वजह से रुकते नहीं हैं. पढ़ें साहस से जुड़े 5 प्रेरक वाक्य.
Makar Sankranti 2023: सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं इसे मकर संक्रांति कहा जाता है. इस वर्ष मकर संक्रांति का त्योहार 15 जनवरी को मनाया जाएगा. आइए जानते हैं मकर संक्रांति के त्योहार से जुड़ी हुई प्रमुख मान्यताएं.
07 जनवरी का राशिफल: जानिये क्या कहती है आपकी राशि | Aaj Ka Rashifal | Horoscope Today | Astrology
Magh Mahina 2023: व्रत और त्योहारों के लिहाज से माघ कामहीना काफी महत्वपूर्ण रहने वाला होगा. माघ माह में मकर संक्रांति, लोहड़ी, पोंगल जैसे कई प्रमुख व्रत-त्योहार मनाएं जाएंगे.
ज्योतिष में मंगल को शक्ति, पराक्रम, साहस, सेना, क्रोध और उत्तेजना का कारक माना जाता है। मंगल ग्रह को मेष और वृश्चिक राशि का स्वामित्व प्राप्त है। यदि कुंडली में मंगल शुभ हो तो व्यक्ति स्वभाव से निडर और साहसी होता है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त करता है। लेकिन वहीं अगर किसी व्यक्ति की…
नए साल को लेकर हम सभी उत्सुक हैं। 2023 में कई सारे ग्रहों के अहम गोचर होने जा रहे हैं। हर एक गोचर का हमारे जीवन पर अहम प्रभाव होता है, चाहे वह किसी छोटे ग्रह का गोचर हो या किसी प्रमुख ग्रह का। साल 2023 के दूसरे महीने में एक खास गोचर होने जा…
संतान की लंबी आयु की कामना के लिए यह व्रत सबसे उत्तम और शुभफल देने वाला माना जाता है. सकट चौथ व्रत के दिन महिलाएं संतान अच्छी सेहत और दीर्घायु के लिए पूरे दिन निर्जला व्रत रखते हुए भगवान गणेश की पूजा करती हैं.