Chanakya Niti: इन अवगुणों को जीवन से रखें दूर वरना जीवन बन जाएगा नर्क
आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में मनुष्य के जीवन से संबंधित कई बातों का उल्लेख किया है. इन बातों का पालन करके व्यक्ति अपने जीवन को सफल बना सकता है.
आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में मनुष्य के जीवन से संबंधित कई बातों का उल्लेख किया है. इन बातों का पालन करके व्यक्ति अपने जीवन को सफल बना सकता है.
कठिन परिश्रम से प्राप्त की गई विद्या कामधेनु गाय के समान होती है, जो व्यक्ति को हर समय अमृत रूपी दूध प्रदान करती है. परदेश में सबसे बड़ा धन कहलाने वाली इसी शिक्षा के बारे में आइए पढ़ते हैं 5 अनमोल वाक्य.
एस्ट्रोसेज के नवंबर साप्ताहिक राशिफल (14 नवंबर से 20 नवंबर, 2022) के इस विशेष ब्लॉग में हम जानेंगे कि सभी 12 राशियों के लिए ये सप्ताह कैसा रहने वाला है? किस राशि के जातकों को बिजनेस में सावधान रहने की जरूरत होगी? किन राशि वालों को सेहत का ख्याल रखना होगा? कौन सी राशि के…
14 नवंबर का राशिफल: सुनिए क्या कहती है आपकी राशि
अष्टमी वाले दिन भगवान कालभैरवनाथ की उत्पत्ति हुई थी। शिव से उत्पत्ति होने के कारण इनका जन्म माता के गर्भ से नहीं हुआ और इन्हें अजन्मा माना जाता है। इन्हें काशी के कोतवाल के नाम से भी जाना जाता है।
अगहन मास में भगवान श्री कृष्ण के साथ शंख की भी विशेष पूजा की जाती है. माना जाता है कि मार्गशीर्ष माह में शंख की पूजा से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. आइए जानें इस माह में शंख पूजा से जुड़े विशेष उपायों के बारे में.
ज्योतिष के अनुसार अगर आपकी कुंडली में सूर्य कमजोर है तो व्यक्ति को जीवन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. कमजोर सूर्य आपकी राह को और चुनौतीपूर्ण बना देता है. ऐसे में अगर आप इसके प्रकोप से बचना चाहते हैं तो ये उपाय अवश्य करें.
Manglik dosha: अक्सर लोग मंगलीक कुंडली होने के कारण परेशान और चिंतित हो जाते हैं। मंगलीक होने के कारण उन्हें लगता है किउनके जीवन में कुछ ठीक नहीं होगा और वे हमेशा परेशानी से घिरे रहेंगे। यह सही है किमंगलीक कुंडली
सौरमंडल में बुध सबसे छोटा ग्रह है, लेकिन इसका प्रभाव उतना ही अधिक है। बुध सूर्य के सबसे करीब है इसलिए इसे ग्रहों का राजकुमार भी कहा जाता है। बुध ग्रह कन्या राशि में उच्च और मीन राशि में नीच के होते हैं और ये उत्तर दिशा के स्वामी भी हैं। बुध का वृश्चिक राशि…
मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को काल भैरव की जन्मतिथि के रूप में मनाया जाता है. इस साल यह पर्व 16 नवंबर 2022 को मनाया जाएगा. ऐसे में भगवान शिव के रौद्र अवतार यानी काल भैरव को खुश करने के लिए ये उपाय हैं कारगर.