Love Rashifal 23 June 2022: प्रेम संबंधों में स्थिरता आएगी, शांत रहकर सही समय का इंतजार करें
Love Rashifal 23 June 2022: आज आपका दिल नकारात्मकता से भरा हो सकता है, कारण भी आपको समझ में नहीं आएगा।
Love Rashifal 23 June 2022: आज आपका दिल नकारात्मकता से भरा हो सकता है, कारण भी आपको समझ में नहीं आएगा।
ज्योतिष विज्ञान में तंत्र शास्त्र अनुसार 64 योगिनियों का उल्लेख किया गया है। जिसमें से मुख्य रूप से अष्ट यानी 8 योगिनियों का महत्व विशेष बताया गया है। इन अष्ट योगिनियों की उपासना भी अष्ट भैरवों के साथ किये जाने का विधान है। ज्योतिष शास्त्र में जिस तरह 120 वर्षों की विंशोत्तरी दशा होती है,…
शिव जी का प्रिय सावन का महीना अब आने वाला है. आषाढ़ मास के बाद सावन का महीना (Sawan Month) शुरू हो जाएगा. इसे श्रावण मास के नाम से भी जाना जाता है. सावन का महीना काफी पवित्र और पुण्यदायी माना गया है. मान्यता है कि इस दौरान नारायण योग निद्रा में होते हैं और…
हिंदू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ मास साल का चौथा महीना है. आषाढ़ मास की अमावस्या तिथि को हलहारिणी अमावस्या या आषाढ़ी अमावस्या (Ashadhi Amavasya) के नाम से जाना जाता है. आषाढ़ी अमावस्या को पितरों के निमित्त कार्यों के लिए काफी शुभ माना गया है. माना जाता है कि इस दिन पितरों की शांति के लिए…
नई दिल्ली, 22 जून। भारतीय वैदिक ज्योतिष प्रत्यक्ष विज्ञान है। इसमें ग्रहों की गति, स्थिति और युतियों के द्वारा मनुष्य का सटीक भविष्य कथन करने की सामर्थ्य है। दो या दो से अधिक ग्रहों की युति अर्थात् साथ होने से अनेक
वैदिक ज्योतिष में सूर्य को समस्त ग्रहों का राजा माना गया है। हिन्दू धार्मिक दृष्टि से भी सूर्य को एक प्रत्यक्ष देवता के रूप में पूजा जाता है। इसलिए भी सूर्य का हर स्थान परिवर्तन, फिर भले ही वो राशि गोचर हो नक्षत्र प्रवेश, उनके हर एक परिवर्तन को ज्योतिष में बहुत महत्वपूर्ण घटना के…
22 June Horoscope 2022 | जानिये क्या कहती है आपकी राशि | Rashifal Today 2022 | Daily Horoscope Hindi
ज्योतिष शास्त्र (Astro Tips) के अनुसार कुछ काम ऐसे होते हैं जिन्हें सूर्यास्त के बाद करने से बचना चाहिए. सूर्यास्त के बाद इन कार्यों को करना बहुत ही अशुभ माना जाता है. शास्त्रों में इस समय को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. शास्त्रों में सूर्यास्त के बाद कुछ काम करना अशुभ माना जाता है. हमें…
Astro News: मेघनाद रावण का पुत्र था। स्वर्ग पर विजय प्राप्त करने और इंद्र को परास्त करने के कारण ब्रह्मा ने इसका नाम इंद्रजीत रखा।