कुंभ में शत्रु ग्रहों मंगल-शनि की युति से बनेगा “द्वंद्व योग”, इन 3 राशियों की बढ़ेगी मुश्किलें।
ज्योतिष शास्त्र अनुसार हर ग्रह का स्थान परिवर्तन, उदय, अस्त, मार्गी और वक्री करते हुए अपना प्रभाव करीब-करीब सभी 12 राशियों पर डालता है। सभी नौ ग्रह अपना स्थान परिवर्तन अलग-अलग अंतराल पर करते हैं। इसी क्रम में जब एक या एक से अधिक ग्रह एक-साथ कुंडली के किसी भाव में उपस्थित होते हैं, तो…
