Buddha Purnima 2023: कब है बुद्ध पूर्णिमा, जानें भगवान पूजा का का मंत्र और महाउपाय, सिर्फ एक क्लिक में

हिंदू धर्म में प्रत्येक मास में पड़ने वाली पूर्णिमा तिथि को बहुत ज्यादा शुभ और पूजा-पाठ के लिए फलदायी माना गया है. इसका महत्व तब और ज्यादा बढ़ जाता है जब यह वैशाख मास के शुक्लपक्ष में पड़ती है. वैशाख मास में पड़ने वाली पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा भी कहते हैं क्योंकि इसी दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था. ऐसे में यह पावन तिथि न सिर्फ हिंदू धर्म बल्कि बौद्ध धर्म से जुड़े लोगों के लिए भी बहुत ज्यादा मायने रखती है. इस साल बुद्ध पूर्णिमा मई महीने की 05 तारीख को पड़ेगी. आइए बुद्ध पूर्णिमा के दिन सुख-सौभाग्य दिलाने वाले सरल एवं प्रभावी उपाय के बारे में विस्तार से जानते हैं.

भगवान बुद्ध का चमत्कारी मंत्र

बुद्ध पूर्णिमा का पर्व न सिर्फ भारत बल्कि विभिन्न देशों में जहां-जहां पर बौद्ध धर्म से जुड़े अनुयायी हैं, वहां पर बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. हिंदू धर्म की तरह बौद्ध धर्म में भी मंत्र जप का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. यही कारण है कि बुद्ध पूर्णिमा के दिन भगवान बुद्ध के मंत्र का जप करना शुभ और पुण्यफल दिलाने वाला माना गया है. ऐस में बुद्ध पूर्णिमा वाले दिन पूरी श्रद्धा एवं विश्वास के साथ ‘ॐ मणि पदमे हुं’ मंत्र का जप करें. मान्यता है कि भगवान बुद्ध के इस मंत्र को जपने से व्यक्ति जीवन से जुड़े सभी दु:ख और परेशानियों से बचा रहता है. इसके अलावा आप ‘बुद्धं शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि, संघं शरणं गच्छामि’ मंत्र का भी जप करके भी भगवान बुद्ध का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.

बुद्ध पूर्णिमा के सिद्ध उपाय

बुद्ध पूर्णिमा के दिन भगवान श्री विष्णु के अवतार माने जाने वाले भगवान बुद्ध की पूजा बहुत फलदायी मानी गई है. ऐसे में इस पावन पर्व पर भगवान बुद्ध की मूर्ति या चित्र की पूरे विधि-विधान से पूजा करें. इस पावन पर्व पर बोधिवृक्ष पर रंगीन पताकाएं चढ़ाने और वहां पर दीपक या अगरबत्ती जलाने का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. इसके अलावा इस पर्व पर जरूरतमंद लोगों को अन्न और धन का दान देना पुण्यदायी माना गया है. बुद्ध पूर्णिमा के दिन बौद्ध धर्म से जुड़े धर्मग्रंथों का विशेष रूप से पाठ करना शुभ माना गया है.

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(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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