Budh gochar 2023: 1 अक्टूबर को अपनी उच्च राशि में गोचर करेंगे बुध, इन राशियों का चमक उठेगा भाग्य
बुध बुद्धि, वाणी, शिक्षा, शिक्षण, गणित, तर्क, यांत्रिकी, ज्योतिष, लेखाकार, आयुर्वेद, लेखन, प्रकाशन, रंगमंच एवं निजी व्यवसाय आदि के कारक माने जाते हैं।
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पौष मास के शुक्लपक्ष में पड़ने वाली जिस एकादशी को पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है, उससे जुड़े व्रत की पूजा कैसे करें और क्या हैं इससे जुड़े जरूरी नियम, जानने के लिए पढ़ें लेख.
Vat Savitri Vrat 2023: अमावस्या तिथि की शुरुआत 18 मई को रात 09.42 मिनट पर होगी। समापन 19 मई को रात 09.22 मिनट पर होगा।
Mangal Rashi Parivartan 2023: इस माह कई ग्रह अपना स्थान बदलेंगे। 1 जुलाई को मंगल ग्रह ने सिंह राशि में प्रवेश किया।
भक्तों को ब्रह्मचारी चैतन्यानंद ने भगवान सूर्यनारायण के बारे में बताया की सृष्टि के प्रारम्भ में ब्रह्मा जी के मुख से ‘ऊँ’ प्रकट हुआ था।
हिंदू मान्यता के अनुसार, जो बहनें देवताओं की पूजा करती हैं और अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं, उनके भाइयों को सुख, दीर्घायु और स्वस्थ जीवन दिया जाता है।
हिंदू पंचाग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन पापांकुशा एकादशी व्रत किया जाता है। प्रत्येक एकादशी तिथि भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित होती है।