अनोखा रावण भक्त ‘लंकेश’, जो 41 सालों से दशानन की कर रहे पूजा; आखिर क्या है वजह
जबलपुर के पाटन इलाके में रहने वाले संतोष नामदेव को लोग लंकेश के नाम से जानते हैं. जब लोग सुबह उठकर भगवान राम को याद करते हैं, तो वे रावण की पूजा कर रहे होते हैं.
जबलपुर के पाटन इलाके में रहने वाले संतोष नामदेव को लोग लंकेश के नाम से जानते हैं. जब लोग सुबह उठकर भगवान राम को याद करते हैं, तो वे रावण की पूजा कर रहे होते हैं.
West Bengal Durga Puja 2022: पश्चिम बंंगाल में महाअष्टमी के दिन दुर्गा पूजा पंडालों में भीड़ उमड़ पड़ी है, जबकि विभिन्न फिल्म स्टार और हस्तियां अपने अंदाज में पूजा मनाते दिख रहे हैं.
Ank Jyotish 4 October 2022: पारिवारिक और सामाजिक गतिविधियों में समय अच्छा बीतेगा। मन में प्रसन्ना रहेगी। आपका कोई फैसला गलत हो सकता है। छोटी परेशानी घेरे रहेंगी। कुछ दिलचस्प गतिविधियों में समय व्यतीत करना आपको खुशी देगा।
दशहरे पर पुतले को जलाने से पहले हिंदू भाई मुस्लिम परिवार से अनुमति लेते हैं, तभी आग लगाई जाती है. रावण के पुतले को बनाने वाले कारीगर बताते हैं कि कई सालों से उनके परिवार के सदस्य इस कार्य में लगे हुए हैं.
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में तेज हवा और बारिश के कारण एक पूजा पंडाल भरभरा कर गिर गया. हालांकि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और अंजलि देने पहुंचे लोग बाल-बाल बच गये.
हिंगलाज मां को भक्त नानी कहकर पुकारते हैं. नानी की प्रसिद्धि भारत में ही नहीं, विश्व में फैली हुई है. यहां ज्योति स्वरूप में विराजमान मां का स्वरूप काफी निराला है. ऐसा माना जाता है कि भक्तों की आंखों की ज्योति बनी नानी अपने भक्तों की मनोकामना पूर्ण करती हैं.
मां दुर्गा की शोभा यात्रा के लिए बांस से डोली बनाई जाती है. इसमें 7 प्रकार के पत्तों से बनी मां दुर्गा की प्रतिमा को सवार किया जाता है. घर की महिलाओं की साड़ियों से ही डोली सजाई जाती है.
कोलकाता में दुर्गा पूजा धूमधाम से मनायी जा रही है. बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली अपने परिवार के साथ महाअष्टमी के दिन बेहाला स्थित बारिशा पूजा कमेटी द्वारा आयोजित पूजा में मां दुर्गा को पुष्पाजंलि अर्पित करते दिखे.
Kolkata Durga Puja 2022: कोलकाता में अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा दुर्गा पूजा पंडाल में महात्मा गांधी को महिषासुर के रूप में दिखाने का मुद्दा गरमाया गया है और अब आयोजकों की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है.
नवरात्रि के महापर्व पर जिन 51 शक्तिपीठों का दर्शन एवं पूजन करना बहुत ज्यादा फलदायी माना गया है, उसका ज्योतिर्लिंगों के साथ क्या जुड़ाव है, जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख.