दुर्गा पूजा: बंगाल में बारिश के आसार, यहां जानें मौसम विभाग का अलर्ट
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की धूम है, लेकिन अलीपुर स्थित मौसम विभाग कार्यालय ने दुर्गा पूजा के दौरान बारिश की संभावना जताई है. इससे पूजा घूमने वालों की परेशानी बढ़ सकती है.
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की धूम है, लेकिन अलीपुर स्थित मौसम विभाग कार्यालय ने दुर्गा पूजा के दौरान बारिश की संभावना जताई है. इससे पूजा घूमने वालों की परेशानी बढ़ सकती है.
शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हो चुका है। नवरात्रि के नौ दिनों में मां को कुछ खास चीजों का भोग लगाना चाहिए। ऐसा करने से मां अपने भक्तों पर खास कृपा दिखाती हैं और उनके दुखों का निवारण करती हैं।
ज्योतिष के अनुसार धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी और धन्वंतरि की पूजा होती है। इस दिन सोना-चांदी और नए बर्तन खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। वहीं कुछ उपायों को करने से मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं।
29 सितंबर से 04 अक्तूबर 2022 तक दिल्ली के नेताजी सुभाष प्लेस में इस 3D संपूर्ण रामायण का मंचन किया जाएगा। गौरतलब है कि कोविड-19 प्रतिबंधों के कारण पिछले दो वर्ष इस रामायण का मंचन नहीं हो पाया था।
माना जाता है कि नवरात्र के ये नौ दिन देवी मां भक्तों के घर पर वास करती हैं। इस दौरान लोग नवरात्रि का उपवास करते हैं और देवी के नौ रूपों की आराधना करते हैं। नवरात्रि में भक्त माता के 9 स्वरूपों का श्रृंगार करते हैं। माता को प्रसन्न करने के लिए देवियों के प्रिय…
Aaj Ka Rashifal 27 Sep 2022: आज परिवार में किसी शुभ कार्य की रूपरेखा बन सकती है. व्यापार के अवसर आपको सुखद यात्रा पर ले जा सकते हैं। सामाजिक स्तर पर आपकी लोकप्रियता में वृद्धि होगी। पढ़िए सम्पूर्ण राशिफल
Love Rashifal 27 September 2022: घर में शहनाई बजाई जा सकती है। विवाह के लिए अच्छा समय चल रहा है। आज आपको प्रियतम से शुभ समाचार प्राप्त होगा। दूसरी शादी की तलाश कर रहे लोगों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा।
भक्तों की सुविधा और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां पर रोपवे का निर्माण भी करवाया गया है, जो अष्टभुजा और कालीखोह में स्थित है. लोग अपनी धार्मिक यात्रा के साथ रोपवे का आनंद लेना नहीं भूलते हैं.
उज्जैन में देवी का एक मंदिर ऐसा भी है, जहां नवरात्र की महाअष्टमी के दिन कलेक्टर खुद अपने हाथों से उन्हें शराब पिलाते हैं. इसके बाद नगर पूजा के तहत समस्त देवी-देवताओं को यह भोग अर्पण किया जाता है.
माँ शारदा से अमरता का वरदान प्राप्त भक्त आल्हा प्राचीन काल से लेकर आज तक रोजाना माँ की प्रथम पूजा करते है. आज भी ब्रम्ह मुहूर्त में पुजारी द्वारा कपाट खोलने पर मां का श्रृंगार और माँ के चरणों मे पूजा के फूल चढ़े मिलते हैं.