Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 11 सितंबर 2025, गुरुवार
aaj ka panchang 11 September 2025 today hindu panchang tithi nakshatra shubh muhurat rahu kaal.
aaj ka panchang 11 September 2025 today hindu panchang tithi nakshatra shubh muhurat rahu kaal.
Aaj Ka Vrishchik Rashifal: आज वृश्चिक राशि के जातकों के लिए दिन मिलाजुला रहने वाला है। कुछ क्षेत्रों में सफलता मिलेगी तो कुछ में थोड़ा संघर्ष करना पड़ सकता है। आपकी दृढ़ता और आत्मविश्वास आज आपको कई मुश्किलों से बाहर निकालने में
Aaj Ka Tula Rashifal 11 september 2025 : तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहने वाला है। कुछ मामलों में आपको भाग्य का साथ मिलेगा, तो कुछ में थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। मन शांत रहेगा, लेकिन छोटी-मोटी बातों
Aaj Ka Kanya Rashifal: कन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहने वाला है। आपमें आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, लेकिन कुछ मामलों में धैर्य की कमी हो सकती है। आज आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत
सूर्य का कन्या राशि में गोचर: एस्ट्रोसेज एआई हमेशा से अपने रीडर्स को ज्योतिष की दुनिया में होने वाली घटनाओं से सबसे पहले अवगत करवाता रहा है, ताकि आप ग्रहों की स्थिति और राशि में होने वाले बदलावों से अवगत रहें। इसी क्रम में, अब ग्रहों के जनक कहे जाने वाले सूर्य देव 17 सितंबर…
Shardiya Navratri 2025: हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से लेकर नवमी तिथि तक शारदीय नवरात्र का पर्व मनाया जाता है। इस दौरान मां दुर्गा और उनके नौ स्वरूपों की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। अष्टमी और नवमी के व्रत का महत्व भी बेहद खास माना जाता है।
Surya Grahan 2025 Date: सूर्य ग्रहण 2025 की तिथि 21 सितंबर है। यह महीना दो खगोलीय घटनाओं से चिह्नित है: 7 सितंबर को चंद्र ग्रहण, और उसके ठीक 15 दिन बाद सूर्य ग्रहण। दिलचस्प बात यह है कि इस वर्ष पितृ पक्ष की शुरुआत और समाप्ति दोनों ही ग्रहण से होगी, जिससे यह अवधि ज्योतिषीय…
Tulsi Mala Rules: मान्यता है कि तुलसी माला धारण करने से न केवल आध्यात्मिक बल्कि मानसिक और शारीरिक लाभ भी मिलते हैं। हालांकि इसके लिए कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है।
हिंदू धर्म में पितरों की पूजा का विशेष महत्व है। श्राद्ध में किए जाने वाले पिंडदान और तर्पण से न केवल पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है, बल्कि परिवार पर भी उनका आशीर्वाद बना रहता है।
इस वर्ष श्राद्ध पक्ष 18 सितंबर से शुरू हो रहा है। धर्मशास्त्रों के अनुसार पितरों के तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व है। गया श्राद्ध श्रेष्ठ माना गया है, लेकिन हर वर्ष नित्य श्राद्ध करना अनिवार्य है। नियमित श्राद्ध से पितरों की कृपा और दोष से मुक्ति मिलती है।