Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 21 अगस्त 2025, गुरुवार
aaj ka panchang 21 August 2025 today hindu panchang tithi nakshatra shubh muhurat rahu kaal.
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Aaj Ka Dhanu Rashifal: धनु राशि के जातकों के लिए कल का दिन सकारात्मक रहने की संभावना है। आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और आप नए कार्यों को शुरू करने के लिए प्रेरित होंगे। भाग्य आपके साथ है, लेकिन आपको कड़ी मेहनत
Aaj Ka Kanya Rashifal: आज कन्या राशि के जातकों के लिए एक मिला-जुला दिन रहने की संभावना है। आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, जिससे आप कई महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने में सफल रहेंगे। रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी, लेकिन आपको धैर्य
शुक्र का कर्क राशि में गोचर: ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को प्रेम, विलासिता, सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन का कारक माना जाता है। ज्योतिष के जानकारों का मानना है कि जिन जातकों की कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति मज़बूत होती है, उन्हें अपने जीवन के सभी क्षेत्रों में सकारात्मक परिणामों की प्राप्ति होती है।…
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और तुलसी पूजन के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। तुलसी को हरिप्रिया कहा गया है, जो श्रीहरि को प्रिय हैं। इस दिन तुलसी और विष्णु की आराधना करने से घर में अन्न-धन की वृद्धि होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 26 अगस्त को दोपहर 01 बजकर 54 मिनट से होगी। वहीं, इसका समापन 27 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 44 मिनट पर होगा। पंचांग को देखते हुए गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त को शुरू होगा और इसी दिन गणेश स्थापना की जाएगी।
Ganesh Chaturthi Remedies: इस साल गणेश चतुर्थी का पावन पर्व 27 अगस्त, बुधवार से प्रारंभ होगा। मान्यता है कि भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को बुद्धि और समृद्धि के देवता भगवान गणेश का जन्म हुआ था।
Vishwakarma Puja 2025: विश्वकर्मा जयंती हिंदू धर्म का खास त्योहार है, जहां भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा-अर्चना की जाती है। विश्वकर्मा पूजा सिर्फ पूजा-पाठ का दिन नहीं, बल्कि यह समृद्धि और निर्माण का भी महापर्व है। ऐसा माना जाता है कि विश्वकर्मा जी की पूजा करने से साधक को सुख और सौभाग्य मिलता है।
मूर्तिकारों का कहना है कि त्योहार नजदीक आते ही बुकिंग और बढ़ने की संभावना है। छोटे से लेकर बड़े आयोजनों के लिए प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। बाजार में पूजा सामग्री, सजावटी सामान और पंडालों के निर्माण का काम भी जोर पकड़ रहा है।
रिद्धि-सिद्धि को गणेश जी (Lord Ganesha Marriage Riddhi Siddhi) की पत्नियों के रूप में जाना जाता है, जो असल में दो बहने थीं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गणेश जी के दो विवाह एक श्राप के चलते हुए थे। गणेश जी के विवाह की कथा काफी रोचक है। आइए इसके बारे मं विस्तार से…