Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 19 अगस्त 2025, मंगलवार
aaj ka panchang 19 August 2025 today hindu panchang tithi nakshatra shubh muhurat rahu kaal.
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अजा एकादशी 2025: अजा एकादशी सनातन धर्म में अत्यंत पावन और फलदायी मानी जाती है। यह भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को आती है और भगवान विष्णु की उपासना के लिए समर्पित होती है। शास्त्रों में वर्णित है कि इस दिन विधि पूर्वक व्रत और उपवास रखने से सभी पापों का नाश…
वरुणावतार भगवान झूलेलाल के चालीहा पर्व के अंतिम नौ दिन के नौरेजा की शुरुआत जन्माष्टमी से शुरू हो गई है। भगवान झूलेलाल को अपना आराध्य मानने वाला सिंधी समाज भक्तिभाव के साथ आराधना में लीन है।
Shani Gochar 2025: न्याय का ग्रह शनि आज दोपहर 1 बजकर 53 मिनट से उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश कर गया है। इस नक्षत्र का स्वामी स्वयं शनि है इसलिए यह गोचर उन लोगों के लिए ठीक रहेगा
आ बैठ मेरी गोदि में ,तूझको निहार लू,हाय नजर न लग जाये तुझको,तेरी नजर उतार लू , तू सूरज है तू चंदा है, मेरी आँखों के तारे,आँचल में छिपजा लाडले,ओ दुनिया से न्यारे,किस्मत तू मेरो लाला, तुझपे ये जग वार दु,हाय नजर न लग ….. तेरे मोटे मोटे नैना तरी तोतली ज़बान, तेरी तोतली जबान,मैं…
दींन दयाल विरद सम्भारी | हरहु नाथ मम संकट भारी ॥दोहा॥श्री गुरु चरन सरोज रज , निज मनु मुकुरु सुधारि ।बरनउँ रघुबर बिमल जसु , जो दायकु फल चारि ॥ ॥ चौपाई ॥जब तें रामु ब्याहि घर आए। नित नव मंगल मोद बधाएभुवन चारिदस भूधर भारी । सुकृत मेघ बरषहिं सुख बारी रिधि सिधि संपति…
विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर से श्रावण-भद्रपद मास में सोमवार को भगवान महाकाल की राजसी सवारी निकलेगी। भक्तों को भगवान महाकाल के एक साथ छह रूपों के दर्शन होंगे। महाकालेश्वर मंदिर से परंपरा अनुसार शाम 4 बजे सवारी शुरू होगी। निर्धारित मार्गों से होकर पालकी शिप्रा तट पहुंचेगी।
दींन दयाल विरद सम्भारी | हरहु नाथ मम संकट भारी ॥दोहा॥श्री गुरु चरन सरोज रज , निज मनु मुकुरु सुधारि ।बरनउँ रघुबर बिमल जसु , जो दायकु फल चारि ॥ ॥ चौपाई ॥जब तें रामु ब्याहि घर आए। नित नव मंगल मोद बधाएभुवन चारिदस भूधर भारी । सुकृत मेघ बरषहिं सुख बारी रिधि सिधि संपति…
हिंदू धर्म में पूजा का समापन आरती से होता है। आरती के नियमों का पालन करने से सुख-शांति और समृद्धि मिलती है। आरती चरणों, नाभि और मुखमंडल से शुरू होकर पूरे शरीर पर सात बार घुमाई जाती है। कुल 14 बार घुमाना अनिवार्य है। आरती सदैव खड़े होकर और धातु की थाली में करनी चाहिए।
शुक्र का कर्क राशि में गोचर: एस्ट्रोसेज एआई की हमेशा से यही पहल रही है कि किसी भी महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना की नवीनतम अपडेट हम अपने रीडर्स को समय से पहले दे पाएं और इसी कड़ी में हम आपके लिए लेकर आए हैं शुक्र का कर्क राशि में गोचर से संबंधित यह खास ब्लॉग। 21…