Chaitra Navratri 2023: नवरात्रि में व्रत रखने का है विशेष महत्व, जानें इससे जुड़े विशेष नियम
Chaitra Navratri 2023: नवरात्रि के दौरान माता बहुत चंचल होती हैं और प्रसन्न होने पर भक्तों की मनोकामना फौरन पूरी करती हैं।
Chaitra Navratri 2023: नवरात्रि के दौरान माता बहुत चंचल होती हैं और प्रसन्न होने पर भक्तों की मनोकामना फौरन पूरी करती हैं।
जिस घर पर गेंदे का पौधा या तुलसी का पौधा लगा हुआ होता है, वहां कभी भी किसी तरह का वास्तुदोष उत्पन्न नहीं होता।
हरतालिका तीज प्रदोषकाल में किया जाता है। सूर्यास्त के बाद के तीन मुहूर्त को प्रदोषकाल कहा जाता है। आम तौर पर सूर्यास्त के बाद 45 मिनट तक प्रदोष काल रहता है। इसी अवधि में पूजा शुरु करें।
उत्पन्ना एकादशी 2023: पुराणों में सभी व्रतों में एकादशी व्रत का बड़ा महत्व बताया गया है। साल में 24 एकादशी का पर्व मनाया जाता है। मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को उत्पन्ना एकादशी कहा जाता है। पद्मपुराण व अन्य ग्रंथों के अनुसार , इसी दिन भगवान विष्णु के अंश से एकादशी…
Bhopal News:। पुराने शहर के घोडा नक्कास में मां कर्मा देवी की पूजा-अर्चना की जा रही है।
Tulsi Plant Niyam: सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को उचित नियमों के अनुसार लगाने की सलाह दी जाती है।
गौरी मंत्र खासतौर पर उन लोगों के लिए है, जिन्हें विवाह संबंधी समस्याएं आ रही हैं या जिनकी कुंडली में मंगल दोष है।