Chaitra Navratri 2023: मानस की ये चौपाईयां हर लेंगी आपका सारा दु:ख, खोल देगी किस्मत के ताले

Ramnavami 2023: नवरात्रि का महापर्व 22 मार्च 2023 को शुरु होने जा रहा है। शक्ति की साधना का यह पावन पर्व न सिर्फ देवी दुर्गा बल्कि भगवान राम की पूजा के लिए भी जाना जाता है, क्योंकि इसी नवरात्रि के नौवें दिन रामनवमी का महापर्व पड़ता है। हिंदू धर्म में देवी दुर्गा की तरह भगवान राम के नाम को भी शक्ति और शुभता प्रदान करने वाला माना जाता है। सनातन परंपरा में राम नाम को तारक मंत्र भी कहा जाता है, जिसका सुमिरन करते ही व्यक्ति के जीवन से जुड़ा दुर्भाग्य दूर हो जाता है।

ऐसे में चैत्र नवरात्रि के पर्व पर देवी दुर्गा की पूजा में सप्तशती का पाठ करने के साथ ही गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस की उन चौपाईयों का पाठ भी जरूर करना चाहिए. मानस का महामंत्र मानी जाने वाली इन चौपाईयों का उपाय आप नवरात्रि के 09 दिनों तक लगातार या फिर 30 मार्च 2023 को पड़ने वाली रामनवमी पर्व पर विशेष रूप से कर सकते हैं। मान्यता है कि इन चौपाईयों का जाप करने पर जीवन से जुड़ी हर बाधा दूर और मनोकामना पूरी होती है। आइए जानते हैं किनवरात्रिमें किस कामना के लिए रामचरितमानस की कौन सी चौपाई का पाठ करना चाहिए.

करियर-कारोबार बढ़ाने वाली चौपाई – बिस्व भरन पोषन कर जोई। ताकर नाम भरत अस होई।।

धन-संपत्ति दिलाने वाली चौपाई – जे सकाम नर सुनहिं जे गावहिं। सुख सम्पत्ति नानाविधि पावहिं।।

कलह दूर करने वाली चौपाई – हरन कठिन कलि कलुष कलेसू। महामोह निसि दलन दिनेसू।।

बीमारी से बचाने वाली चौपाई – दैहिक दैविक भौतिक तापा। राम काज नहिं काहुहिं व्यापा।।

सभी संकटों से बचाने वाली चौपाई – दीनदयाल बिरिदु संभारी। हरहुनाथ मम संकट भारी।।

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कैसे करें मानस की चौपाई का जाप

मानस का महामंत्र मानी जाने वाली चौपाईयों का जप करने के लिए साधक को नवरात्रि की प्रतिपदा से प्रारंभ करके नवमी तिथि तक या फिर रामनवमी के पावन पर्व पर विशेष रूप से भगवान राम के गुणों का गुणगान करने और सौभाग्य प्रदान करने वाली चौपाई का जाप करना चाहिए।

सबसे पहले करें सूर्य साधना

पूजा के इस उपाय को करने के लिए प्रात:काल सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करें और सबसे पहले सूर्यदेव को अर्ध्य देकर उनका आशीर्वाद लें। भगवान राम की पूजा से पहले सूर्यदेव की पूजा जरूर करना चाहिए क्योंकि भगवान राम सूर्यवंशी थे।

ऐसे जपें राम नाम का मंत्र

सूर्यदेव को अर्घ्य देने के बाद घर के ईशान कोण में एक चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाकर उस पर भगवान राम की फोटो रखें और गंगा जल से पहले स्नान कराएं और उसके बाद पीले पुष्प, पीला चंदन, पीला फल, मिठाई आदि अर्पित करने के बाद भगवान राम का ध्यान करें और उनके मंत्र का जप तुलसी या फिर पीले चंदन की माला से जपें। भगवान राम के मंत्र का जप भी पीले रंग के आसन पर बैठकर करें।

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(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारितहैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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