Chanakya Niti: हितैषियों से रूठ जाओ, लेकिन बैर मत रखो, आचार्य चाणक्य ने इस उदाहरण के साथ दी ये सीख

आचार्य चाणक्य ने आगे कहा है कि स्नेह करने वाले व्यक्तियों का क्रोध क्षणिक और अनिष्टरहित होता है।

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