Dhumavati Jayanti 2024: कब मनाई जाएगी धूमावती जयंती, जानिए पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
सनातन धर्म के लोगों के लिए इस तिथि का बहुत महत्व है, क्योंकि कहा जाता है कि इस दिन माता धूमावती की पूजा करने से जीवन में चल रही सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है।
सनातन धर्म के लोगों के लिए इस तिथि का बहुत महत्व है, क्योंकि कहा जाता है कि इस दिन माता धूमावती की पूजा करने से जीवन में चल रही सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है।
Jain Temple: वार्षिक महामस्तकाभिषेक की तैयारी शुरू, जुटेंगे पांच हजार समाजजन।
शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए और शनिदेव के 108 नामों का जाप करना चाहिए।
Rakshabandhan 2022: 11 की सुबह 9.35 बजे पूर्णिमा लगने के साथ ही भद्रा भी लग जा रहा है जो रात 8.26 बजे तक रहेगा।
घर के लिविंग रूम से लेकर बेडरूम तक कई तरह तस्वीरें लगाई जाती हैं। यह घर को खूबसूरत बनाती हैं। लेकिन कुछ तस्वीरें परिवार पर बुरा असर डालती हैं।
ग्रहण एक खगोलीय घटना होती है जिसका काफी महत्व बताया और माना जाता है। बात करें वर्ष 2024 में लगने वाले ग्रहण की तो इस साल का पहला ग्रहण सूर्य ग्रहण के रूप में लगने वाला है जो की 8 अप्रैल को यानी कि चैत्र मास की अमावस्या के दिन लगेगा। अमावस्या पर लगने वाला…
हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के दौरान उन्हें प्रसाद (Prasad related tips ) का भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है. कहते हैं कि भगवान प्रसाद को भोग के रूप में ग्रहण करते हैं. इसलिए ईश्वर की पूजा में प्रसाद का बहुत महत्व माना जाता है. भारत में तमाम देवी-देवताओं ( Lord worship )…