Dussehra 2023: इस बार दो शुभ योगों में मनाया जाएगा दशहरा, जानिए सही तिथि और शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 23 अक्टूबर के दिन शाम को 5 बजकर 44 मिनट से शुरू होगी।
हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 23 अक्टूबर के दिन शाम को 5 बजकर 44 मिनट से शुरू होगी।
Chaitra Navratri 2023: नवरात्र से एक दिन पहले पंचक लगेगा। पंचमी तिथि तक पंचम काल में देवी आराधना की जाएगी।
पितरों को काश के फूल बहुत पसंद होते हैं। पौराणिक कथाओं में बताया गया है कि यदि तर्पण पूजा में काश के फूलों का उपयोग नहीं किया जाता है, तो श्राद्ध कर्म पूरा नहीं माना जाता है।
हनुमान जन्मोत्सव के दिन उपवास भी रख सकते हैं। यदि आप किसी कारण उपवास नहीं कर पा रहे हैं तो नमक का सेवन करने से बचना चाहिए।
कर्क राशिफल आज, 18 अगस्त, रविवार: हमारे दैनिक ज्योतिष भविष्यवाणियों के साथ अपने दिन का अन्वेषण करें
पितृपक्ष में लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध तर्पण और पिंडदान करते हैं। गया में श्राद्ध का विशेष महत्व है, जहां इसे करने से पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है। भगवान राम और माता सीता ने भी यहां अपने पिता दशरथ का पिंडदान किया था।
हर व्यक्ति यह चाहता है कि, उसकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहे और जीवन में गरीबी का सामना न करना पड़े। इसके लिए व्यक्ति दिन-रात कड़ी मेहनत भी करता है लेकिन कई बार इसके बावजूद भी आर्थिक जीवन में सफलता प्राप्त नहीं हो पाती है और घर पर दरिद्रता बनी रहती है। आर्थिक तंगी के कारण…