Gajlaxmi Rajyog 2023: होली के बाद बनेगा गजलक्ष्मी राजयोग, इन राशियों की शनि की साढ़े साती होगी खत्म
Gajlaxmi Rajyog 2023: बृहस्पति 22 अप्रैल को मेष राशि में विराजमान होंगे। चंद्रमा इस राशि में पहले से गोचर कर रहे हैं।
Gajlaxmi Rajyog 2023: बृहस्पति 22 अप्रैल को मेष राशि में विराजमान होंगे। चंद्रमा इस राशि में पहले से गोचर कर रहे हैं।
इस वर्ष श्राद्ध पक्ष 18 सितंबर से शुरू हो रहा है। धर्मशास्त्रों के अनुसार पितरों के तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व है। गया श्राद्ध श्रेष्ठ माना गया है, लेकिन हर वर्ष नित्य श्राद्ध करना अनिवार्य है। नियमित श्राद्ध से पितरों की कृपा और दोष से मुक्ति मिलती है।
इस बार 18 जुलाई से चार्तुमास शुरू होने जा रहे हैं। इस दौरान भगवान विष्णु शयन मुद्रा में चले जाते हैं और सृष्टि का संचालन भगवान शिव करते हैं। इस दौरान मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। हालांकि, भगवान विष्णु का पूजन और दान-पुण्य करना शुभ माना गया है।
Chandra Grahan 2025: इस साल का दूसरा और अंतिम पूर्ण चंद्रग्रहण (Chandra Grahan 2025) 7-8 सितंबर 2025 को होने जा रहा है। खगोल विज्ञान में यह महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है, लेकिन ज्योतिष में भी इसका महत्वपूर्ण स्थान है। ज्योतिषीय दृष्टिकोण
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, शुक्र एक शुभ ग्रह है और इन्हें सौंदर्य, कला, वैवाहिक सुख, भौतिक सुख, रोमांस आदि का कारक माना जाता है। हर जातक की कुंडली के सभी 12 भावों पर शुक्र का प्रभाव होता है। जातकों के आर्थिक, सामाजिक और प्रेम जीवन में शुक्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए ज़ाहिर सी बात…
Aaj Ka Makar Rashifal: आज मकर राशि के जातकों के लिए दिन मिलाजुला रहने वाला है। आपकी मेहनत और लगन रंग लाएगी, लेकिन कुछ चुनौतियां भी आ सकती हैं जिनसे आपको निपटने के लिए तैयार रहना होगा। आज आप अपनी योजनाओं को
एकादशी को ‘हरि वासर’ का भी नाम दिया गया है। आइए जानते हैं कि साल 2022 में एकादशी तिथि कब कब आने वाली है