Ganga Dussehra 2023: गंगा दशहरा के दिन मां गंगा की पूजा से मिलेगी सुख-समृद्धि, जानें तिथि एवं पूजन विधि
मान्यता है इस अवधि में जो गंगा स्नान करता है, उसके दस तरह के पापों का नाश हो जाता है, इसलिए इसे दशहरा कहते हैं।
मान्यता है इस अवधि में जो गंगा स्नान करता है, उसके दस तरह के पापों का नाश हो जाता है, इसलिए इसे दशहरा कहते हैं।
शहर व उपनगरीय क्षेत्रों में भगवान परशुराम जयंती पर विभिन्ना धार्मिक अनुष्ठान के आयोजित किए जाएंगे।
सैलानी माता मंदिर में प्रतिदिन रात में माता सिंह की सवारी करके आती हैं. इसलिए मंदिर परिसर या उसके आसपास रात के समय कोई नहीं रुक सकता है. भक्त यहां अपनी मान्यता के अनुसार, माता को चुनरी इत्यादि चढ़ाते हैं.
Aaj Ka Panchang: आज प्रथम तिथि और दिन शनिवार है। जिन लोगों को शनि की साढ़ेसाती चल रही है अर्थात् धनु, मकर और कुंभ राशि के जातक किसी शनि मंदिर में पांच वस्तुएं लोहा, काले तिल, तिल का तेल, काला
जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर शहर के सौ साल पुराने लक्ष्मी-वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग से आषढ़ शुक्लपक्ष की द्वितीया पर शुक्रवार को प्रभु वेंकटेश की रथयात्रा निकलेगी। इसमें भक्त मन के मनोरथ पूरे हो इस भाव से भगवान का रथ खीचेंगे।
Holashtak 2023: हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल 28 फरवरी से होलाष्टक शुरू हो जाएंगे और 7 मार्च तक रहेंगे।
Chaturmas 2025: रविवार को देवशयनी एकादशी मनाई गई। इसके साथ ही चार्तुमास भी शुरू हो गए। चार्तुमास में किए गए धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व होता है। इस दौरान सच्ची भक्ति करने से भाग्योदय होता है और बुरे कर्मों से मुक्ति मिलती है।