Grahan 2023: 20 अप्रैल को लगेगा साल का पहला ग्रहण, जानिए देश में इसका असर
इसके बाद साल 2023 का दूसरा सूर्य ग्रहण वलयाकार ग्रहण होगा. इस सूर्य ग्रहण को भी भारत में नहीं देखा जा सकेगा. फिर इसके बाद साल का दूसरा और आखिरी आंशिक चंद्र ग्रहण होगा.
इसके बाद साल 2023 का दूसरा सूर्य ग्रहण वलयाकार ग्रहण होगा. इस सूर्य ग्रहण को भी भारत में नहीं देखा जा सकेगा. फिर इसके बाद साल का दूसरा और आखिरी आंशिक चंद्र ग्रहण होगा.
बुध का वृश्चिक राशि में गोचर: ग्रहों के राजकुमार के नाम से विख्यात बुध देव को ज्योतिष शास्त्र में तेज़ गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है। ऐसे में, बुध ग्रह की दशा, दिशा और स्थिति में समय-समय पर बदलाव होता रहता है, इसलिए यह अक्सर उदित, अस्त, वक्री और मार्गी भी होते हैं।…
16 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक खरमास रहेगा। इस दौरान सूर्य धनु राशि में होने के कारण शुभ कार्यों पर रोक रहेगी। धार्मिक मान्यता है कि इस समय सूर्य का तेज कम हो जाता है, जबकि ज्योतिषीय दृष्टि से गुरु का प्रभाव घटता है। इसलिए मांगलिक कार्यों को अशुभ माना जाता है।
प्रयागराज महाकुंभ की शुरुआत पौष पूर्णिमा पर 13 जनवरी से हुई थी। हर दिन करोड़ों भक्तों ने पुण्य की डुबकी लगाई। महाकुंभ के आखिरी दिनों में भीड़ बढ़ गई। इस कारण प्रयागराज में प्रवेश के रास्तों पर भारी जाम भी देखने को मिला। आज ढाई करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का अनुमान है।
Aaj Ka Rashifal 07 September 2024: आज का दिन विभिन्न राशियों के लिए मिश्रित रहेगा। मेष राशि को नए काम और पार्टनर मिल सकता है। कन्या राशि को स्वास्थ्य संबंधी चिंता हो सकती है। मकर राशि वालों का दिन अच्छा रहेगा।
शनि 27-28 फरवरी 2025 को अपनी राशि कुंभ में अस्त होंगे और 9 अप्रैल को उदय करेंगे। इस स्थिति का सकारात्मक असर कुछ राशियों पर पड़ने वाला है। इनमें तीन राशियाँ विशेष रूप से लाभान्वित होने वाली हैं, जिन्हें शनिदेव की कृपा मिलेगी।
Rashi Parivartan: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु की कृपा से व्यक्ति के अंदर सात्विक गुणों का विकास होता है। वहीं धन का आगमन होता है।