Guru Purnima 2025: इंद्र योग व पूवार्षाढ़ा नक्षत्र में मनाई जाएगी गुरू पूर्णिमा

भविष्य पुराण के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा को विधिवत शिव की पूजा-अर्चना करने से सहस्त्र अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य और विष्णु लोक की प्राप्ति होती है। ऋषि पाराशर व देवी सत्यवती के यहां पुत्र के रूप में वेद व्यास का जन्म आषाढ़ पूर्णिमा को हुआ था।

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