Hanuman Janmotsav 2024: साल में दो बार क्यों मनाया जाता है हनुमान जन्मोत्सव? जानिए इससे जुड़ी पौराणिक कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, वीर हनुमान का जन्म कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को माता अंजनी की कोख से हुआ था।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, वीर हनुमान का जन्म कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को माता अंजनी की कोख से हुआ था।
Sindoor ke Upay: भगवान हनुमान जी पर नारंगी सिंदूर चढाया जाता है। सिंदूर को बहुत लाभकारी बताया गया है। आज हम आपको सिंदूर से जुड़े कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके सभी बिगड़े काम बना देंगे।
22 अगस्त 2025 को भाद्रपद मास की पिठोरी अमावस्या है। इस दिन भगवान शिव और शनिदेव की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। शिवलिंग अभिषेक, तेल-तिल अर्पण, दान और हनुमान पूजा से शनि की साढ़ेसाती व ढैया के बुरे प्रभाव कम होकर जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
नागचंद्रेश्वर मंदिर में भक्तों को नागदेवता के एक साथ दो रूपों में दर्शन होते हैं। मंदिर के अग्रभाग में भगवान नागचंद्रेश्वर स्वयं अपने सात फनों से सुशोभित हो रहे हैं। सर्पासन पर भगवान शिव व पार्वती भी विराजित हैं। बताया जाता है 11 वीं शताब्दी में निर्मित इस अद्भुत दिव्य प्रतिमा को नेपाल से यहां…
आज का मकर राशिफल, 06 अप्रैल, रविवार: प्यार, करियर और आश्चर्य आगे हैं – क्या आप आने वाले समय के लिए तैयार हैं?
मीन राशिफल आज हिंदी में, 19 जनवरी 2025, रविवार: हमारे दैनिक ज्योतिष भविष्यवाणियों के साथ अपने दिन का अन्वेषण करें
Niyati Palat Yog: नियति पलट राजयोग सभी राशि वालों के जीवन को प्रभावित करेगा। तीन राशियों को इस दौरान धन लाभ होगा।