Holi 2023: इस बार भद्राव्यापिनी प्रदोषकाल में 6 मार्च को होगा होलिका दहन, 7 को खेलेंगे रंग
Holi 2023: संशय : दो दिन रहेगी फाल्गुन पूर्णिमा, पहले दिन मिलेगी पर्व के लिए आवश्यक प्रदोष व्यापिनी तिथि और दूसरे दिन स्नान-दान।
Holi 2023: संशय : दो दिन रहेगी फाल्गुन पूर्णिमा, पहले दिन मिलेगी पर्व के लिए आवश्यक प्रदोष व्यापिनी तिथि और दूसरे दिन स्नान-दान।
ऐसा माना जाता है कि इस एकादशी पर भगवान विष्णु और धन की देवी लक्ष्मी की पूजा करने से कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं।
जिस व्रत को रखने से साधक को पूरे माघ मास की पूजा का फल मिलता और उसके घर में सुख-समृद्धि हमेशा कायम रहती है, उसकी विधि, धार्मिक महत्व और उपाय जानने के लिए पढ़ें ये लेख.
साल 2025 का अंतिम पूर्ण चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को पितृ पक्ष की शुरुआत के दिन लगेगा। यह रात 9:58 बजे से शुरू होकर 1:26 बजे तक रहेगा। चूंकि यह भारत में दृश्य होगा, इसलिए सूतक काल दोपहर 12:58 से लगेगा। श्राद्ध और तर्पण जैसे अनुष्ठान सुबह ही कर लेने चाहिए।
सावन का तीसरा प्रदोष व्रत 13 अगस्त को रखा जाएगा। प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा शाम के समय में की जाती है।
Deepawali 2022 दीपावली को दीपों का त्योहार भी कहा जाता है। लेकिन वास्तु के अनुसार दीए को जलाने से पहले कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। इन बातों का ध्यान रखते हैं तो मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।
हिंदू धर्म में हर एक एकादशी खास महत्व रखती है. मान्यता है कि एकादशी का व्रत और पूजा करने वालों पर हमेशा श्रीहरि की कृपा बनी रहती है. आज यानी कि 14 जून को योगिनी एकादशी है. सनातन धर्म में योगिनी एकादशी को मोक्ष देने वाला माना गया है.जो भी मनुष्य योगिनी एकादशी का व्रत…