Jal Jhulni Ekadashi 2022: मंगलवार को जलझूलनी एकादशी का पर्व, यहां जानिए शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व
जलझूलनी ग्यारस (एकादशी) को डोल ग्यारस के नाम से भी जाना जाता हैं। इस दिन माता यशोदा ने घाट का पूजन किया था।
जलझूलनी ग्यारस (एकादशी) को डोल ग्यारस के नाम से भी जाना जाता हैं। इस दिन माता यशोदा ने घाट का पूजन किया था।
Trigrahi Yog कुंभ राशि में शनिदेव 17 जनवरी 2023 से विराजमान हैं और पूरे वर्ष इसी राशि में रहेंगे।
यात्रा पर जाने से पहले अच्छे से प्लानिंग बना लें। आपको किस स्थान पर ठहरना है। बस, ट्रेन या प्लेन की तारीखों के बारे में जानकारी हासिल कर लें।
शनि ग्रह 23 अक्टूबर 2022 को मकर राशि में मार्गी हो जाएंगे। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव की स्थिति में परिवर्तन को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है और इस अवधि के दौरान शनि सभी राशियों के जातकों के जीवन समेत दुनियाभर में कई तरह के बदलाव लेकर आएंगे। इसके अलावा शनि मार्गी होकर महापुरुष राजयोग…
मान्यता है कि विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के निमित्त व्रत और पूजन करने से साधक के जीवन की परेशानियां दूर हो जाती हैं।
अमावस्या तिथि को पितरों की पूजा और मां लक्ष्मी के पूजन के लिए बहुत फलदायी माना गया है।
नवरात्रि में घर के मुख्य द्वार पर आम व अशोक के पत्तों की माला बांधने से घर से सभी प्रकार की नकारात्मकता दूर रहती है।