Janmashtami 2025: कोई झूले पर तो कोई सिंहासन पर लेकर लाया अपने-अपने बाल गोपाल को
यहां कोई भक्त झूले पर तो कोई सिंहासन पर बाल गोपाल को लेकर आए। किसी के कान्ह स्वर्ण के तो किसी के रजत के थे।
यहां कोई भक्त झूले पर तो कोई सिंहासन पर बाल गोपाल को लेकर आए। किसी के कान्ह स्वर्ण के तो किसी के रजत के थे।
हमारी कुंडली में दुर्घटना का सबसे बड़ा कारक सूर्य और चन्द्रमा ग्रह को माना जाता है। इसके बाद राहु, मंगल और शनि आते हैं। बृहस्पति, शुक्र, और शुभ बुध चन्द्र दुर्घटनाओं से रक्षा करते हैं। आइये जानते हैं दुर्घटनाओं से बचाव के कुछ उपाय
यदि कोई ग्रह सूर्य से पांचवें भाव से लेकर नौवें भाव तक गोचर करते हैं तब वह वक्री अवस्था में मौजूद रहते हैं। वक्री का अर्थ है जब कोई ग्रह उल्टा चलता हुआ प्रतीत होता है। सूर्य और चन्द्र को छोड़कर सभी ग्रह वक्री होते हैं। राहु और केतु सदैव वक्री ही रहते हैं। ग्रहों…
Akhuratha Sankashti Chaturthi 2023 जल से आचमन करने के बाद भगवान गणेश को दूर्वा, फूल, माला, सिंदूर, गीला अक्षत अर्पित करें। भगवान गणेश को मोदक या बूंदी के लड्डू प्रसाद में चढ़ाएं।
हर एक राशि (zodiac sign) की अपनी ग्रह दशा होती है,जिसका प्रभाव जातक के निजी जीवन पर भी पड़ता है. राशियों का दशा का फेर-बदल चलता ही रहता है. लेकिन जब शनि (Shani) की नजर किसी राशि पर पड़ती है, तो परेशानियों का आना तय ही होता है. हर एक जातक से लिए शनि डरने…
नवरात्रि (Navratri) का आठवां दिन मां महागौरी को समर्पित होता है. महागौरी (Mahagauri) के तेज से ही सम्पूर्ण विश्व प्रकाशमान होता है. माता महागौरी के पूजन से सौभाग्य की प्राप्ति होती है और समस्त पापों का नाश होता है. कहा जाता है कि जब माता पार्वती ने महादेव को प्राप्त करने के लिए तपस्या किया,…
धार्मिक मान्यता के अनुसार, विवाह पंचमी के दिन भगवान श्रीराम और माता सीता की विधिपूर्वक पूजा करने से वैवाहिक जीवन की समस्याओं से मुक्ति मिलती है। ऐसा करने से परिवार में खुशियां आती हैं।