Jyeshtha Amavasya 2024: ज्येष्ठ अमावस्या पर एक नहीं पांच व्रत, पितरों के साथ शनिदेव होंगे प्रसन्न
ज्येष्ठ अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और उसके बाद दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है पितरों के निमित्त किया दान पुण्य कल्याणकारी होता है। हिंदू कैलेंडर अनुसार ज्येष्ठ अमावस्या की तिथि पांच जून गुरुवार को शाम 07.54 शाम से प्रारंभ होगी
