Kajari Teej 2022: कजरी तीज व्रत पर रखें सावधानी, इन चीजों के बिन अधूरी रह जाएगी पूजा
पंचांग के मुताबिक कजरी तीज का व्रत हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है।
पंचांग के मुताबिक कजरी तीज का व्रत हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है।
भद्रा एक अशुभ काल होता है। इस दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं। भद्रा का मतलब ही होता है, भद्रा कर देना मतलब बिगाड़ देना।
तमिलनाडु के कीझापेरुमपल्लम स्थित नागनाथस्वामी मंदिर को केतु दोष से मुक्ति के लिए चमत्कारी माना जाता है। यहां राहु पर दूध चढ़ाने से केतु का प्रभाव शांत होता है। मान्यता है कि दूध नीला पड़ जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, केतु ने यहां भगवान शिव की तपस्या की थी।
Aaj ka Singh Rashifal: सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहने वाला है। आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित रहेंगे। हालांकि, आपको धैर्य रखने और जल्दबाजी से बचने
रुद्राक्ष धारण करने के धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों प्रकार के महत्व हैं। लेकिन इसे धारण करने के पहले कुछ नियमों का ध्यान रखना चाहिए।
आचार्य चाणक्य ने अपने नीति ग्रंथ में ऐसी कई अहम बातों का जिक्र किया है, जो हमें जीवन को बेहतर तरीके से जीने की सीख देती हैं. चाणक्य के अनुसार जीवन में सफलता, सुख एवं शांति के लिए व्यक्ति को इन जगहों पर कभी नहीं रुकना या ठहरना चाहिए. जानें इनके बारे में…
वैज्ञानिक भी यह मानते हैं कि नौतपा की अवधि के दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे तापमान में बढ़ोतरी होती है।