Kalashtami 2023: कालाष्टमी 4 दिसंबर को, जानें क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त और पौराणिक महत्व

Kalashtami 2023 भैरव शब्द ‘भृ’ से बना है, जिसका अर्थ है वह जो ब्रह्मांड को धारण और पोषण करके धारण करता है, जबकि ‘राव’ शब्द का अर्थ है आत्म-जागरूकता। काल भैरव शब्द के बारे में सबसे पहले उल्लेख शिव महापुराण में मिलता है।

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