Kalashtami November 2023: कब है कार्तिक माह की कालाष्टमी? जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
काल भैरव देव की पूजा निशा काल में की जाती है। इस व्रत के पुण्य प्रताप से व्यक्ति को मृत्युलोक में सभी प्रकार का सुख प्राप्त होता है।
काल भैरव देव की पूजा निशा काल में की जाती है। इस व्रत के पुण्य प्रताप से व्यक्ति को मृत्युलोक में सभी प्रकार का सुख प्राप्त होता है।
जनवरी के दूसरे सप्ताह का पूरा लेखा-जोखा और हाल खबर लेकर एक बार फिर एस्ट्रोसेज इस खास ब्लॉग के माध्यम से आपके सामने पेश है। अपने इस खास ब्लॉग में आज हम जानेंगे जनवरी का दूसरा सप्ताह सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहने वाला है। सिर्फ इतना ही नहीं इस सप्ताह में कौन-कौन से…
Chandra Grahan 2025:दिल्ली में आज रात एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी, जहाँ चंद्र ग्रहण के कारण चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देगा। इस अद्भुत नज़ारे को देखने के लिए नेहरू तारामंडल ने विशेष आयोजनों की तैयारी की है। चाणक्यपुरी
अतः पितृ पक्ष में खरीदारी को लेकर कोई निषेध शास्त्र-पुराणों में नहीं बताया गया है। पितृ पक्ष में यह भ्रांति है कि श्राद्ध के दिनों में कोई भी नया काम या खरीदारी नहीं की जाती। जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।
वट पूर्णिमा व्रत हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो नारी शक्ति, प्रेम, समर्पण और पतिव्रता धर्म का प्रतीक माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य और सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं। आइए विस्तार से जानते हैं शुभ मुहूर्त से लेकर पूजा विधि…
छठ पर्व की शुरुआत नहाय-खाय के साथ होती है। दूसरे दिन बुधवार को खरना हुआ, इस मौके पर महिलाओं ने भगवान दिवाकर का स्मरण कर व्रत प्रारंभ किया। इसके पहले खरना में महिलाएं रात में चना दाल, गुड़, लौकी व चावल आदि का भगवान को भोग लगाया गया।
सनातन धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस बीच विशेष रूप से खीर बनाई जाती है, जिसे रात में चंद्रमा की रोशनी में रखा जाता है। मान्यता है कि इस दौरान अमृत वर्षा होती है और खीर औषधि का काम करती है। देश के विभिन्न हिस्सों में इसके लिए विशेष आयोजन किए जाते…